संवाद न्यूज एजेंसी
गोहर (मंडी)। इस बार सेब की फसल कम होने के बावजूद बागवान अच्छी गुणवत्ता के लिए जीतोड़ मेहनत कर रहे हैं। सेब पर ओलों की मार से बागवान चिंतित हैं।
सेब को अच्छा आकार देने के लिए उन्होंने बागवानी विभाग की छिड़काव सारिणी के अनुसार स्प्रे करना शुरू कर दिया है। इस बार बारिश और बेमौसमी ठंड के कारण सेटिंग नहीं हो पाई है। जिले में हर साल 35 लाख पेटी सेब उत्पादन होता है। करसोग, पांगणा, चुराग, निहरी, चरखड़ी, घीड़ी, झूंगी, रोहांडा, शकोहर, वाढू, कुटाहची, सरोआ, जबाल, फ़ंग्यार, जहल, सलाहर, बगस्याड, थुनाग, जंजैहली, छतरी, बालीचौकी समेत आसपास के इलाकों में सेब की फसल होती है।
बागवान चन्द्रमणि, बिंदर कुमार, यशवंत, लाभ सिंह, राजकुमार, डोले राम, इंद्र और रमेश ठाकुर ने बताया कि इस बार फसल कम है। ओलों की मार से वे परेशान है। इसके लिए छिड़काव का दौर शुरू कर दिया है। बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज ने फफूंदनाशक और टॉनिक का छिड़काव करने की सलाह दी।