जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के पुरुष रोगी वार्ड में पानी के बढ़ते रिसाव को देखकर यहां मरीजों के दाखिले पर रोक लगानी पड़ी हैं।
वार्डों की छतों से लगातार पानी से रिसाव से संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है। वीरवार को पुरुष रोगी वार्ड में जब पानी का रिसाव कम नहीं हुआ तो मरीजों के बिस्तर वहां से हटा लिए गए। अब पुरुष मरीजों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट करने पर विचार हो रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार पानी के रिसाव से दीवारों और छत को भी नुकसान हो रहा है। साथ लगते डायलिसिस यूनिट में भी पानी के रिसाव से गंभीर मरीजों के डायलिसिस को लेकर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
हैरत की बात है कि अस्पताल के महज दस साल पुराने भवन में पानी के रिसाव को रोकने के लिए लोक निर्माण विभाग ने भी किनारा किया हुआ है। अस्पताल प्रशासन अरसे से लाचार है। अस्पताल के शिशु रोगी वार्ड में भी इन दिनों एक बिस्तर पर दो-दो मरीजों के दाखिलें बढ़ गए हैं। आरक्षित 16 बेड में शिशुओं की बढ़ती संख्या को देखकर अस्पताल प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ा है। जानकारी के अनुसार आंधी तूफान से उड़ रही धूल और बेमौसमी बारिश से शिशुओं को उल्टी दस्त, तेज बुखार के लक्षण पाए गए हैं। इन्हें बेहतर उपचार मिल सके, इसलिए एक बेड पर दो-दो मरीजों को दाखिल करना पड़ रहा है।
अस्पताल के मैटनर्स राम प्यारी ने बताया कि आपातकालीन वार्ड में भी गंभीर मरीजों के दाखिले बढ़े हैं। एसएमओं डॉ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि पुरुष रोगी वार्ड में पानी के बढ़ते रिसाव को देखकर दाखिल मरीज शिफ्ट किए जा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग से पानी के रिसाव को रोकने का आह्वान कई बार कर चुका है। एसडीएम केके शर्मा ने कहा कि अस्पताल में पानी के रिसाव की जानकारी मिली है। संबंधित विभाग को समस्या के समाधान के आदेश जारी किए जाएंगे।