गुलाब की खुशबू से तैयार मोम के बनाए दीये और एलोवेरा व पपीता से तैयार किया प्राकृतिक साबुन। संवा
मंडी। मंडी शहर की इंदिरा मार्केट की छत पर आजीविका मिशन के तहत लगे रेडक्रॉस मेले में मीना जसवाल के बनाए दीये व अन्य उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। धुएं के बजाए खुशबू बिखेरने वाले इन दीयों को लोग हाथोंहाथ खरीद रहे हैं। दीयों के अलावा एलोवेरा व पपीता से तैयार साबुन लोगों की पहली पसंद बना है।
सुंदरनगर की कपाही निवासी मीना ने बताया कि जागृति स्वयं सहायता समूह का गठन कर दस महिलाओं के साथ सिड्ड़ू, कचौरी बनाने से काम की शुरूआत की थी। लोगाें के पसंद करने पर धीरे-धीरे उत्पादों के साथ एलोवेरा व पपीता के मिश्रण से प्राकृतिक साबुन और गुलाब की खुशबू, मोम व रंगों से तैयार दीये बनाने और पूजा घर में प्रयोग होने वाले प्राकृतिक घास से झाड़ू भी तैयार किए जा रहे हैं। दीयों को जलाने से धुएं के बजाय खुशबू बिखरती है। इससे पर्यावरण संरक्षण होता है और मनुष्य के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता।
उन्होंने बताया कि हर महिला अपने घर में साबुन समेत अन्य उत्पादों को तैयार कर मेलों व त्योहारों के दौरान लगने वाले स्टॉलों में इसकी बिक्री कर अच्छी आमदनी अर्जित कर रही है। प्राकृतिक तौर पर तैयार किए गए दीये अलग-अलग वैरायटी में हैं। 60 रुपये के तीन बड़ी दीये और 40 रुपये के नौ छोटे दीये, मोमबती व अन्य सामान बेचा जा रहा है। घरों में तैयार किए गए इस सामान की लोगों में भारी मांग है। दो दिनों में उनका अधिकांश सामान बिक गया है और घर से और सामान लाना पड़ा है।