हादसे में घायल मां-बेटा और बेटी।
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गोहर (मंडी)। आईजीएमसी शिमला में बीमारी से जंग लड़ रहे देगड़ देवरी गांव के तेजराम ने बिंद्रावणी बस हादसे में अपनी बेटी-दामाद व छोटे बेेटे को खो दिया है। तेजराम कई दिनों से मंडी अस्पताल में दाखिल थे। उन्हें शनिवार को आईजीएमसी शिमला के लिए रेफर कर दिया गया है। वह इस बात से बेखबर हैं कि उनका कुशलक्षेम पूछने आए उनके बेटी-दामाद और बेटा अब इस दुनिया में नहीं हैं। हादसा परिवार को ताउम्र का जख्म दे गया है।
जानकारी के अनुसार देगड़ देवरी गांव के चुड़ामणी (30) अपनी पत्नी लता देवी और साले गोपाल के साथ जोनल अस्पताल मंडी में अपने ससुर का हाल चाल जानने आए थे। दोनों अपने डेढ़ वर्षीय बच्चे को घर छोड़ कर आए थे। चुड़ामणी के ससुर तेज राम को शनिवार दोपहर 12 बजे के करीब मंडी अस्पताल से शिमला के लिए रेफर कर दिया गया था। उसको शिमला भेजने के बाद तीनों अपने घर लौट रहे थे। हादसे से देगड़ देवरी गांव में मातम का माहौल छा गया है। चुड़ामणी व लतादेवी अपने डेढ़ वर्ष के बच्चे को दादा-दादी के पास छोड़ कर आए थे। हादसे से डेढ़ वर्ष के बच्चे के सिर से मां-बाप का साया छिन गया। पंचायत के उप प्रधान टिकम राम ने कहा कि दोनों अपने पीछे एक डेढ़ वर्ष का बच्चा छोड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि गोपाल और लता देवी सगे भाई बहन हैं। हादसे में जहां तेजराम ने अपने बेटी-दामाद के साथ ही छोटे बेटे गोपाल को खो दिया है। हादसे से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। उन्होंने कहा कि तेजराम को शनिवार को शिमला रेफर किया गया है। वह शिमला में दाखिल हैं। उसकी तबीयत खराब होने के चलते अभी तक उसको हादसे के बारे में नहीं बताया गया है।