लघु शिवरात्रि मेला जोगिंद्रनगर। फाइल फोटो
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर राज्य स्तरीय देवता मेले में कारोबार के लिए पहुंच रहे छोटे कारोबारियों ने प्रशासन के माध्यम से प्लाट आबंटन करने की मांग उठाई है। कई सालों से महंगे प्लॉट खरीद रहे कारोबारियों ने इस वर्ष नीलामी प्रक्रिया का विरोध किया है। मंगलवार को मेला के लिए एक ही ठेकेदार को दुकानें आवंटित करने का छोटे कारोबारियों ने व्यापार मंडल के माध्यम से विरोध कर ठेकेदारी प्रथा बंद करने की मांग उठाई है।
व्यापारियों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा 10 फुट के प्लॉट के भी 20 से 25 हजार रुपये वसूल लिए जाते हैं। इससे मेले का कारोबार चौपट हो जाता है। ठेकेदारों को मनमाने दाम चुकाने के लिए दुकानों में रखे उत्पाद भी महंगे बिकते हैं। इससे न केवल कारोबारी बल्कि ग्राहक भी परेशान होते हैं। ऐसे में इस बार प्रशासन अगर प्लॉटों को आवंटित करता है तो इसका लाभ छोटे कारोबारियों को भी मिलेगा।
लघु शिवरात्रि एवं देवता मेला जोगिंद्रनगर में ठेकेदारों के माध्यम से दुकानों के आवंटन से मीना बाजार के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा चुका है। मनियारी की दुकानों में चूड़ियां बेचने वाले ऐसे 20 से अधिक कारोबारियों को मेले में दुकानें सजाने के लिए प्लॉट नहीं मिल पाते हैं। मनियारी विक्रेता राकेश कुमार, रामचंद्र, कली और बीना ने बताया कि जबसे मेले में दुकानों का आवंटन ठेकेदारों के माध्यम से हो रहा है उन्हें दुकानें हासिल करना मुश्किल हो चुका है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष अजय धरवाल ने कहा कि देवता मेला में छोटे कारोबारियों को सस्ते दामों में प्लाट नहीं मिल पाने का मामला ध्यान में आया है। स्थानीय प्रशासन से इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी। वहीं, मेला प्लॉट और डोम नीलामी समिति के सदस्य अजय ठाकुर ने बताया कि नीलामी में किसी तरह की धांधली न हो, इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया करनी चाहिए। दुकानों का आवंटन एक ही व्यक्ति को देने से छोटे कारोबारियों को अवसर नहीं मिल पाता। ऐसे में मेला समिति से प्लाटों को अपने स्तर पर आवंटित करने का प्रस्ताव सौंपा जाएगा।
उधर, एसडीएम मनीश चौधरी का कहना है कि उन्होंने मेले को लेकर हुईं बैठकों में छोटे कारोबारियों को उचित दामों में दुकानें आवंटित करने की हिदायत दे रखी है। मेला स्थल के साथ लगती जगहों पर छोटे कारोबारियों को सस्ते दामों में प्लाट उपलब्ध करवाने के लिए प्रशासन पूरी तरह संवेदनशील रहेगा।