बस्सी परियोजना से तीन जिलों में बिजली आपूर्ति नहीं होने से कामकाज हुआ प्रभावित
एक्सरे, टेस्ट सेवाओं पर भी दिखा असर, खाली हाथ लौटे पेंशनधारक
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। बस्सी स्थित 66 मेगावाट बस्सी परियोजना के स्विचयार्ड में भड़की आग से तीन जिलों में बिजली आपूर्ति अचानक ठप हो जाने से डाकघर व बैकों का कामकाज प्रभावित रहा। साइबर कैफों में ऑनलाइन कामकाज भी पूरे नहीं हो पाए। तहसील कार्यालय में ऑनलाइन प्रमाण पत्र न बनने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। जोगिंद्रनगर बस अड्डे में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से लंबी दूरी की बसों की ऑनलाइन टिकटें भी समय पर नहीं बन पाई।
जिला कांगड़ा के पालमपुर, बैजनाथ और हमीरपुर जिला के भी अधिकांश हिस्से ब्लैकआउट की चपेट में आ गए। इन दोनों जिलों समेत उपमंडल जोगिंद्रनगर के मकरीड़ी, चौंतड़ा और लडभड़ोल क्षेत्र में भी करीब छह घंटे तक ब्लैकआउट रहा। सुबह करीब 6 बजे गुल हुई बिजली सेवाएं दोपहर डेढ़ बजे के बाद बहाल होने से उपभोक्ताओं को राहत मिल पाई। मंडी के जोगिंद्रनगर के अलावा पालमपुर, बैजनाथ और हमीरपुर के कारोबारी भी बिजली के अघोषित कट से परेशान रहे। पेंशनधारक भी खाली हाथ ही लौटे।
वहीं, डाकघर में बुढ़ापा, विधवा और दिव्यांग पैंशन के पात्र लोग भी खाली लौटे। बिजली बोर्ड जोगिंद्रनगर से मिली जानकारी के अनुसार शहरी क्षेत्र के मुख्य बाजार, गरोडू, बालकरूपी और मझारनू के कुछ हिस्से में वैकल्पिक बिजली की आपूर्ति कर दी गई थी, लेकिन उपमंडल के अन्य क्षेत्रों में दोपहर करीब डेढ़ बजे के बाद ही बिजली सेवाएं बहाल हो पाई। सिविल अस्पताल जोगेंद्रनगर में एक्सरे और टेस्ट भी प्रभावित हुए। दांतों की गंभीर बीमारियों से पीड़ित दर्जनों मरीजों को बिना उपचार भेजना पड़ा।
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बस्सी परियोजना के पोटेंशनल ट्रांसफार्मर में हुए ब्लास्ट के बाद 6 घंटे तक उपमंडल के 90 प्रतिशत विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली की अघोषित कट का सामना करना पड़ा। शहरी क्षेत्र और साथ लगते कुछ ग्रामीण हिस्सों में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था विद्युत बोर्ड द्वारा की गई थी।
-पूर्ण चंद, अधिशाषी अभियंता विद्युत मंडल जोगिंद्रनगर।
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बस्सी परियोजना में अचानक विद्युत उत्पादन ठप होने से जोगिंद्रनगर, पालमपुर और हमीरपुर के कुछ हिस्सों में बिजली की आपूर्ति करीब छह घंटे नहीं हो पाई।
-जितेंद्र कुमार, आरई बस्सी परियोजना