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Himachal News: हिमाचल की वादियों में सिखाया जा शॉर्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री और कंटेंट क्रिएशन

Thu, 05 Mar 2026 12:15 PM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।

सार

एफटीआईआई यानी फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा हिमाचल प्रदेश में शॉर्ट फिल्म, डाक्यमेंट्री और कंटेंट क्रिएशन के गुर सीखाए जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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एफटीआईआई द्वारा कार्यशाला का आयोजन - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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इन दिनों हिमाचल प्रदेश की वादियों में शॉर्ट फिल्म, डाक्यमेंट्री और कंटेंट क्रिएशन के गुर सीखाए जा रहे हैं। यह पहला मौका है जबकि एफटीआईआई यानी फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा हिमाचल प्रदेश में इस प्रकार की कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। प्रशिक्षण के लिए मंडी की होली पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाई जा रही है। 
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हिमाचल की शांत वादियां हमेशा से ही फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद रही हैं। लेकिन अब इन्हीं शांत वादियों में फिल्म निर्माण की कला को सीखाने की सराहनीय पहल भी शुरू हो गई है। महाराष्ट्र के पुणे स्थित फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा पहली बार हिमाचल में शॉर्ट फिल्म, डाक्यमेंट्री और कंटेंट क्रिएशन को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए मंडी जिला के सतोहल गांव स्थित हिमाचल सांस्कृतिक शोध संस्थान एवं रंगमंडल का चयन किया गया है। 25 फरवरी से 22 मार्च तक चल रही इस कार्यशाला में देश भर के विभिन्न राज्यों से आए 30 प्रशिक्षु दो बैचों में भाग ले रहे हैं। जानी-मानी लेखिका और निर्देशिका माया राव सहित अन्य अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा इन प्रशिक्षुओं को शूटिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग और एडिटिंग सहित फिल्म निर्माण से जुड़ी छोटी-छोटी बारीकियों को बखूबी सिखाया और समझाया जा रहा है।

हिमाचल सांस्कृतिक शोध संस्थान एवं रंगमंडल की सचिव सीमा शर्मा ने बताया कि उनका यह संस्थान हिमाचल का इकलौता संस्थान है जो बीना किसी सरकारी मदद के बीते 30 वर्षों से लोगों को रंगमंडल की विधाएं सिखाने का कार्य कर रहा है। वर्तमान की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए और युवाओं की सोच के अनुरूप एफटीआईआई के माध्यम से अब यहां मीडिया से संबंधित प्रशिक्षण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। सीमा शर्मा ने ऐसे प्रशिक्षण की चाह रखने वालों से एफटीआईआई की वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करवाकर इन कार्यशालाओं का लाभ उठाने का आग्रह भी किया है।

कार्यशाला के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करने आए प्रशिक्षु उन्हें दी जा रही जानकारियों से खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं। मुंबई से आए दीपक पहलाजानी और धर्मशाला से आए शुभम शर्मा ने बताया कि हिमाचल की वादियों में इस तरह का प्रशिक्षण प्राप्त करने का अपना एक अलग ही मजा है। शहर की भीड़ भाड़ से दूर शांत और एकांत माहौल में फिल्म निर्माण के बारे में ऐसी-ऐसी बातें सीखने को मिल रही हैं जिनके बारे में पहले पता नहीं था।
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बता दें कि दो बैच के 30 प्रशिक्षु अपना पंजीकरण करवाकर इस प्रशिक्षण का लाभ प्राप्त कर रहे हैं जबकि अगला बैच अप्रैल से शुरू होगा जिसके लिए पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है। क्योंकि एफटीआईआई में सभी के लिए प्रवेश पाकर प्रशिक्षण प्राप्त करना संभव नहीं होता, इसलिए उन्हें इस प्रकार के प्रशिक्षण के माध्यम से निपुण बनाने की दिशा में यह एक अनुकरणीय पहल है।
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