मंडी में शुरू हुए भ्यूली मेले की जलेब में भाग लेते देवी-देवता और कारदार।
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मंडी। करीब डेढ़ दर्जन देवी-देवताओं की अगुवाई में बैसाखी के पावन पर्व पर भ्यूली स्थित माता भीमाकाली मंदिर में दो दिवसीय मेले का शुभारंभ हुआ। देव मिलन से छोटी काशी भक्तिमय दिखी। मेले का शुभारंभ नगर निगम मंडी की महापौर दीपाली जसवाल ने किया।
इस दौरान पुरानी मंडी स्थित माता शीतला मंदिर से लेकर भीमाकाली मंदिर भ्यूली तक शोभायात्रा निकाली गई। इसमें शहर के लोगों और देवी-देवताओं ने शिरकत की। मंदिर के प्रधान पुष्पराज शर्मा ने बताया कि कोरोना काल के दो वर्ष बाद मेले का आयोजन विधिवत रूप से किया गया है। इस दौरान नगर निगम महापौर ने लोगों को मेले की शुभकामनाएं दीं।
कहा कि कोरोना महामारी के चलते दो वर्षों बाद भ्यूली मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेलों से हमें अपनी संस्कृति को जानने का मौका मिलता है। इस अवसर पर नैण देवी रोपड़ू सेहली कोटली, माता दुर्गा लौहला पैलेस मंडी, माता चतुुुर्भुजा पुरानी मंडी, माता श्यामाकाली रूंहझ रेरी मैगल द्रंग, माता वैष्णो देवी मोहटली सदयाणा, माता शीतला पुरानी मंडी, माता महाकाली पुरानी मंडी, देव नारदू नारायण स्कोर सदर, माता नैणा देवी सैणी मंडी, माता चामुंडा मोतीपुर, देव बाला कामेश्वर घुग्ता नेला, माता नैणा महामाया चंडयाल बल्ह, देव माहूंनाग टारना, माता नव दुर्गा धन्यारी कोटली और माता महाकाली लंबोदरी टारना मंडी अपने रथों और देवलुओं के साथ मेले में पहुंचीं। इस मौके पर नगर निगम महापौर दीपाली जसवाल, उपमहापौर वीरेद्र शर्मा, पार्षद पुष्पराज कात्यायन, नेहा आदि मौजूद रहे। इस दौरान स्कूली बच्चों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। संवाद
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