सरदार पटेल विश्वविद्यालय परिसर में यौन उत्पीड़न की रोकथाम पर हुई कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। सरदार पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने कहा कि सुरक्षित कार्यस्थल हर महिला का कानूनी अधिकार है। यौन उत्पीड़न महिलाओं के समानता और सम्मान के अधिकार का घोर उल्लंघन है। सरदार पटेल विश्वविद्यालय ने एक आंतरिक शिकायत समिति की स्थापना की है। सोमवार को सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में यौन उत्पीड़न की रोकथाम पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया।
कार्यशाला में डीन प्लानिंग और संयोजक डाॅ. सुनील ठाकुर ने कहा कि कार्यशाला यौन उत्पीड़न अधिनियम की रोकथाम के बारे में जागरूक करने के लिए आयोजित की जा रही है। कार्यशाला की समन्वयक एवं श्री विश्वकर्मा कौशल विवि गुरुग्राम, हरियाणा की उप निदेशक डाॅ. वैशाली माहेश्वरी ने सभी प्रतिभागियों को कार्यशाला के विषय और दायरे से परिचित करवाया। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर की प्रो. पामिता अवस्थी ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम पर मुख्य भाषण में पीओएसएच अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा की। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के विधिक अध्ययन संस्थान की डाॅ. सीमा कश्यप ने कहा कि पीओएसएच अधिनियम का प्राथमिक उद्देश्य कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न को रोकना और उसका समाधान करना है। इस मौके पर एसपीयू मंडी के जनसंपर्क अधिकारी डाॅ. गौरव कपूर, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान उत्तराखंड के प्रोफेसर विवेक श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।