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Mandi News: एक घंटे तक मलबे से सुनाई देती रही चीख-पुकार

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सुंदरनगर के जंगमबाग में मलबे के बीच सर्च ऑपरेशन चलाती एनडीआरएफ टीम। संवाद
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सुंदरनगर (मंडी)। उपमंडल के जंगमबाग में मंगलवार शाम को अचानक हुए भीषण भूस्खलन ने पूरे इलाके को दहला दिया। चंद सेकंड में पहाड़ी से आए मलबे की जद में दो मकान आ गए और दो परिवारों के कुल पांच सदस्य मलबे में दफन हो गए। इनमें से तीन के शव बरामद हो गए हैं।
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करीब एक घंटे तक मलबे से लोगों की चीख पुकार सुनाई देती रही, उसके बाद आवाजें थम गईं। मलबे के आगे बेबस लोग कुछ नहीं कर पाए। दो परिवार के सदस्यों के अलावा मलबे की चपेट में एक वाहन भी बताया जा रहा है। ऐसे में अन्य लोगों के होने की भी आशंका जताई जा रही है। पहाड़ी से मलबा आने के बाद साथ लगते मकानों के लोग खतरे को देखकर भाग गए। स्थानीय निवासी नागेश ने बताया कि मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे घटना का पता चला तो वह मदद करने पहुंचे।
बताया कि मलबे से करीब एक घंटे तक चीख पुकार सुनाई देती रही। बताया कि 100 मीटर ऊंची पहाड़ी है। यहां सड़क है और सड़क से नीचे दो मकान थे। चांबी पंचायत के उपप्रधान आशीष रावत ने बताया कि उनका घर घटनास्थल के पास ही है। जोरदार धमाके की आवाज सुनी तो मौके पर पहुंचा।
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देखा कि दोनों मकान मलबे चपेट में आए हैं। उनके पास मशीनरी थी, जिसे मौके पर लगाया गया और खुद मलबा हटाना शुरू किया। सूचना के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। उन्होंने बताया कि आशंका है कि गुजर रहा एक वाहन मलबे की चपेट में आया है। वाहन चालक का मोबाइल बंद आ रहा है। ऐसे में आशंका है कि वह भी मलबे में हो सकता है। चालक साथ लगते खतरवाड़ी गांव का बताया जा रहा है। संवाद
n प्रत्यक्षदर्शी राम लाल और सचिन शर्मा ने बताया कि रात 10 बजे तक स्थानीय लोग और सरकारी अमला एवं मशीनरी बचाव एवं राहत कार्य में जुटी रही।
n जंगम बाग सुंदरनगर के निकट स्थित है। यह एक धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है जो माता मुरारी के मंदिर से संबंधित है और पांडवों से भी जुड़ा
हुआ है।
n प्रकृति के कहर ने दो घरों की खुशियां पलभर में छीन लीं। मलबे के नीचे दबकर जिंदगियां खत्म हो गईं, जिनमें मासूम सपने और रिश्ते भी दफन हो गए। बस चालक गुरप्रीत अपने छोटे से परिवार के साथ खुशहाल जीवन बिता रहा था। उसकी ढाई साल की बेटी, पत्नी भारती और मां उसका संसार थीं, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ उजाड़ दिया।
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