गारबेज आईडी में किरायेदारों को नहीं जोड़ा तो होगी कार्रवाई
शहर में रोजाना उठ रहा 24 टन कचरा लेकिन निगम को मिल रहा सिर्फ 6 लाख रुपये शुल्क
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी क्षेत्र में भवन मालिकों की ओर से किरायेदारों को गारबेज आईडी में पंजीकृत न करवाने पर अब सफाई मित्र किरायेदारों की जानकारी निगम को देंगे। गारबेज आईडी में किरायेदारों को पंजीकृत करवाने में लगातार आनाकानी कर रहे मकान मालिकों के खिलाफ निगम कार्रवाई करेगा। शहर के विभिन्न वार्डों में रोजाना करीब 24 टन कचरा उठाया जा रहा है, लेकिन इसके एवज में निगम को उम्मीद के मुताबिक गारबेज शुल्क नहीं मिल पा रहा है।
वर्तमान में निगम की ओर से ऑनलाइन माध्यम से कुल 13,298 बिल जारी किए जा रहे हैं लेकिन इनमें से करीब 40 भवन मालिकों ने ही अपनी गारबेज आईडी में किरायेदारों को जोड़ा है। कई मकान मालिक किरायेदारों की वास्तविक संख्या और उनकी पहचान छिपा रहे हैं। शहर के कई वार्डों में ऐसे भवन हैं, जहां एक ही छत के नीचे 10 से 12 किरायेदार रह रहे हैं। कुछ मामलों में मकान मालिक किरायेदारों से गारबेज शुल्क वसूल भी कर रहे हैं लेकिन यह राशि नगर निगम के खजाने तक नहीं पहुंच रही है।
गारबेज कलेक्शन पर हर महीने करीब 30 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि इसके मुकाबले निगम की आमदनी महज 6 लाख रुपये ही है। इस आर्थिक घाटे को कम करने और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए अब निगम के सफाई मित्र मैदान में उतर गए हैं। वार्डों में कचरा उठाने वाले सफाई कर्मचारी निगम को हर घर की जमीनी हकीकत बताएंगे। वे जानकारी देंगे कि किस भवन में कितने किरायेदार रह रहे हैं और वहां से कितना कचरा निकल रहा है।
यदि सफाई मित्रों की रिपोर्ट में किसी मकान मालिक की ओर से जानकारी छिपाए जाने का खुलासा होता है तो निगम नियमानुसार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा।
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नगर निगम मंडी क्षेत्र के जिन लोगों ने अभी तक अपने किरायेदारों को गारबेज आईडी में पंजीकृत नहीं करवाया है, वे समय रहते उनका पंजीकरण करवा लें। बाद में सफाई मित्रों की रिपोर्ट के आधार पर जानकारी मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. मदन कुमार, आयुक्त, नगर निगम मंडी