चौहार घाटी में सड़क बन्द होने पर फसल नाले में फेंकते किसान। स्त्रोत : वीडियो ग्रैब
थल्टूखोड़-मढ़ सड़क बंद होने से मंडी तक नहीं पहुंचीं नगदी फसलें
छह किलोमीटर पीठ पर ढोनी पड़ी सब्जियां
वीरवार शाम तक सड़क बहाल करने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। चौहारघाटी में लगातार बारिश से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। थल्टूखोड़-मढ़ सड़क भूस्खलन से बंद होने के कारण झुकाड़ और आसपास के गांवों के किसान अपनी तैयार नगदी फसल मंडी तक नहीं पहुंचा सके। मजबूरी में कई किसानों को मूली और बंदगोभी जैसी सब्जियां नालों में बहानी पड़ीं।
ग्रामीणों के अनुसार भारी बारिश से थल्टूखोड़ के पास सड़क पर चट्टानें और मलबा आने से यातायात दो दिन से बंद था। किसान सुनील कुमार ने बताया कि सड़क बंद होने से उनकी मूली की फसल बाजार नहीं पहुंच सकी और खराब होने से पहले उसे फेंकना पड़ा। कई किसानों ने छह किलोमीटर पैदल चलकर सब्जियां ढोने की कोशिश की, लेकिन अधिकांश फसल समय पर मंडी नहीं पहुंच सकी।
बीडीसी सदस्य ओम प्रकाश ठाकुर सहित स्थानीय लोगों ने किसानों को मुआवजा देने, सड़क को स्थायी रूप से सुरक्षित बनाने और बरसात के दौरान थल्टूखोड़ में स्थायी रूप से जेसीबी तैनात करने की मांग की है। उन्होंने टिक्कन-थल्टूखोड़ सड़क की जर्जर हालत पर भी चिंता जताई। लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता ने बताया कि सड़क बहाली के लिए मशीनरी भेज दी गई है। झटींगरी उपमंडल के एसडीओ भगत राम के अनुसार बुधवार शाम मार्ग यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। एसडीएम पधर सुरजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि भूस्खलन से करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है।