सुंदरनगर/डैहर (मंडी)। 219 करोड़ की लागत से बन रही ततापानी-सलापड़ सड़क अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। दोघरी गांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस सड़क निर्माण के दौरान बिना अनुमति के पहाड़ की कटिंग की गई। मलबा गांव के रास्तों और खेतों में फेंक दिया गया जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही बंद हो गई है।
ग्रामीण भगत राम, मोहन लाल, बिमला देवी, पूर्वू देवी, निशा देवी सहित वार्ड सदस्य घनश्याम शर्मा ने लिखित शिकायत में कहा है कि सड़क के लिए सरकार ने 219 करोड़ की राशि डबललेन सड़क के लिए वर्ष 2018-19 में स्वीकृत की और सरकार ने इसके लिए सैद्धांतिक मंजूरी फरवरी 2025 में प्रदान की है। दो साल पहले से ही ठेकेदार ने इस सडक के लिए कार्य शुरू कर दिया। भारी मात्रा में मलबा डंपिंग साइट न होने की वजह से खेतों, रास्तों और पानी की कूहलों में फेंका गया। स्थानीय लोगों की मांग है कि सड़क निर्माण को तब तक रोका जाए जब तक डंपिंग साइट सुनिश्चित न हो। उन्होंने कहा कि नुकसान की भरपाई की जाए और आवाजाही बहाल की जाए।
कूहलें और रास्ते तहस-नहस
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के खर्च से बनी पक्की कूहलें और रास्ते, ठेकेदार की लापरवाही से जेसीबी से उखाड़ दिए गए हैं। ग्रामीण डरे-सहमे हैं और प्रशासन से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
इस दायरे में सरकारी जमीन पर विभाग द्वारा कोई खनन कार्य नहीं किया जा रहा है। निजी भूमि पर कोई कार्य चल रहा हो सकता है। इसकी जानकारी नहीं है। बीते डेढ़ माह से सभी तरह के खनन पर रोक लगाई गई है।
-संजय शर्मा, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी