जोगिंद्रनगर (मंडी)। प्लास्टिक मुक्त हिमाचल को लेकर मंडी जिला की विभिन्न नगर परिषदों में एकत्रित किए गए टनों के हिसाब से कचरे को लेने से सीमेंट कंपनियों ने इन्कार कर दिया है। इससे डंपिंग साइट में कचरे के पहाड़ बनना शुरू हो गए हैं। नगर परिषद जोगिंद्रनगर में पांच से सात टन प्लास्टिक कचरा एकत्रित हो गया है।
वहीं पंचायतों में भी कचरे के ढेर अब परेशानियों का सबब बनने लगे हैं। हिमाचल प्रदेश शहरी विकास विभाग की ओर से शिमला स्थित सीमेंट कंपनी में प्लास्टिक कचरे को ठिकाने लगाने का करार हुआ है लेकिन कंपनी ने प्लास्टिक कचरे को लेने से मना कर दिया है।
इसका कारण सीमेंट प्लांट में आई तकनीकी खामी बताई जा रही है। बिलासपुर स्थित सीमेंट प्लांट में भी प्लास्टिक कचरे को लेने से साफ मना कर दिया है।
सफाई निरीक्षक नगर परिषद जोगिंद्रनगर मनोज शर्मा ने कहा कि नगर परिषद जोगिंद्रनगर की डपिंग साइट में पांच से सात टन प्लास्टिक कचरा एकत्रित हुआ है। इसके वैज्ञानिक ढंग से निष्पादन की सुविधा क्षेत्र में उपलब्ध नहीं है। वहीं सीमेंट कंपनियों ने भी इसे लेने से बहरहाल मना कर दिया है।