अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-1 की अदालत ने सुनाया फैसला, लोटे के वार से की थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हत्या का दोष साबित होने पर अदालत ने उसे आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी के जुर्माना न अदा करने पर दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-1 की अदालत ने चुटावन (निन्धनी) गांव के नारायण सिंह के खिलाफ चन्दू लाल की हत्या का आरोप साबित होने पर उक्त सजा का फैसला सुनाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार सात फरवरी 2010 को चुटावन निवासी शिकायतकर्ता पन्ना लाल ने पुलिस के समक्ष बयान दिया था कि 6 फरवरी को शिकायतकर्ता को रात करीब 9 बजे उसके चाचा नारायण सिंह के कमरे से शोर सुनाई दिया। वह और उसकी माता शोर सुनकर नारायण के कमरे में गए। यहां पर नारायण और चन्दू लाल आपस में बहसबाजी कर रहे थे। शिकायतकर्ता ने दोनों को बहसबाजी करने से रोका। चन्दू लाल को उसके कमरे तक छोड़ने के लिए ले जा रहा था तभी पीछे से नारायण सिंह ने पीतल के लोटे से चंदू लाल के सिर पर वार कर दिया। इसके कारण चन्दू लाल नीचे गिर गया। गिरते समय उसको और भी चोट आईं। उसके सिर से खून बहने लगा। घायल चंदू लाल ने कहा कि वह ठीक है। इस पर शिकायतकर्ता ने उसको कमरे में छोड़ा और दर्द की दवा दी। उसके बाद चन्दू लाल को नींद आ गई। उसी रात करीब 3 बजे पीड़ित चन्दू लाल को खून की उलटी हुई। इसके बाद वह बात करने में असमर्थ हो गया। अगले दिन सात फरवरी को सुबह चार बजे चन्दू लाल की मौत हो गई।
इसके आधार पर गोहर पुलिस ने नारायण के खिलाफ मामला दर्ज करके उसको हिरासत में लिया। तहकीकात पूरी होने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी नवीना राही ने की। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 21 गवाहों के बयान कलमबद्ध किए गए। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ हत्या का आरोप संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। इसके चलते अदालत ने दोषी को उक्त सजा का फैसला सुनाया है।