मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के दौरान बड़ादेव कमरुनाग के दर्शन के लिए दो मिनी बसें (राइड विद प्राइड) टारना के लिए चलेंगी। ऑटो चालकों के साथ बैठक कर प्रति यात्री किराया निर्धारित किया जाएगा। इससे बड़ादेव कमरुनाग के दर्शन के लिए आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में देव कमरुनाग को बड़ादेव का दर्जा प्राप्त है। महाशिवरात्रि महोत्सव से एक दिन पूर्व मंडी पहुंचने के बाद देव कमरुनाग टारना मंदिर में विराजमान होते हैं। मेले के समापन अवसर पर ही बड़ादेव कमरुनाग टारना से नीचे आते हैं। अपने मूल स्थान के लिए रवाना होने से पहले ऐतिहासिक सेरी चानणी में कुछ समय के लिए विराजमान होते हैं।
मेले में धूल से निजात दिलाने के लिए दिन में दो से तीन बार शहर में पानी का छिड़काव किया जाएगा। भीमाकाली मंदिर में ही देवलुओं और अन्य लोगों के लिए पिछले साल की तरह अब की बार भी मंडयाली धाम परोसी जाएगी।
आम सभा में यह भी निर्णय लिया गया कि महोत्सव के शुभारंभ पर वाद्ययंत्रों की ध्वनि से शहर गुंजायमान होगा। पिछले साल वाद्य यंत्रों (बजंतरियों) की प्रतियोगिता में विजेता रहने वाले बजंतरियों के दल को इसमें शामिल किया जाएगा। पुरानी मंडी को पड्डल के साथ जोड़ने वाले नए पुल को भी चलने योग्य बनाने का शहरवासियों ने आम सभा में सुझाव रखा।