तीन माह तक लिए जाएंगे दावे
प्रशासन से पंचायत स्तर पर फार्म और प्रक्रिया को गति देने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बालीचौकी (मंडी)। पंचायत माणी के मुहाल माणी, वासुंघी और शडूणा में वन अधिकार अधिनियम-2006 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में पहल तेज कर दी गई है। इन मुहालों में वन अधिकार समितियों का विधिवत पुनर्गठन कर लिया गया है। अब ग्रामीणों से वन अधिकारों से संबंधित दावे आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मंगलवार को वन अधिकार समितियों के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम बालीचौकी विचित्र सिंह से मुलाकात कर इस संबंध में चर्चा की। एसडीएम ने समितियों को आश्वासन दिया कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमों के अनुसार आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करेगा।
समितियों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत स्तर पर आवेदन फार्म और अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करवाया जाए, ताकि पात्र ग्रामीणों को जल्द से जल्द उनके अधिकारों का लाभ मिल सके। ग्राम सभा ने नवगठित समितियों को वन अधिकारों के दावे आमंत्रित करने के लिए अधिकृत किया है। यह प्रक्रिया 26 जुलाई 2024 से प्रभावी हो गई है और आगामी तीन महीनों तक जारी रहेगी।
प्रपत्र और दस्तावेज उपलब्ध करवाने का आग्रह
दावा प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए वन अधिकार समिति ने उपखंड स्तरीय समिति, बालीचौकी के अध्यक्ष को पत्र भेजकर आवश्यक प्रपत्रों और दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। समिति ने मांग की है कि ग्रामीणों को आवेदन तैयार करने में सुविधा हो, इसके लिए गांव के नक्शे तथा राजस्व और वन विभाग से संबंधित सत्यापित अभिलेखों की प्रतियां जल्द उपलब्ध करवाई जाएं। बैठक में पूर्व डीएलसी सदस्य संत राम ने ग्रामीणों को वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के प्रति जागरूक किया।