सुंदरनगर (मंडी)। सुकेत साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिषद सुंदरनगर और भाषा संस्कृति विभाग मंडी के तत्वावधान में शनिवार को मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया। इसमें डॉ. विजय विशाल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला भाषा एवं संस्कृति अधिकारी रेवती सैनी ने की। सुकेत साहित्य परिषद के अध्यक्ष डॉ. गंगाराम राजी ने मुख्य अतिथियों का स्वागत किया। संगोष्ठी के पहले सत्र में सुबह मुंशी प्रेमचंद की जयंती और साहित्य पर पत्र उत्तम चंद शर्मा, आज के समय में प्रेमचंद की जीवंतता और साहित्य पर सत्यपाल वशिष्ठ, प्रेमचंद के उपन्यास रंगभूमि में आदर्शवाद पर एलआर शर्मा ने प्रपत्र पढ़े। वक्ताओं ने कहा कि प्रेमचंद का उपन्यास गोदान आज के उपन्यासों में प्रथम श्रेणी में है।
मुंशी प्रेमचंद के उपन्यासों और कहानियों पर चर्चित फिल्में भी बन चुकी हैं। उनका साहित्य आज भी प्रेरणास्पद, प्रासंगिक और पठनीय है। संगोष्ठी का दूसरा सत्र दोपहर बाद बहुभाषी कविताओं का रहा। इसमें 45 कवि और कवियत्रियों ने भाग लेकर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
इनमें प्रमुख रूप से डॉ. आरके गुप्ता, मुरारी शर्मा, पोमिला ठाकुर, सुरेंद्र मिश्रा, किरण गुलेरिया, कृष्णा ठाकुर, लाभ सिंह, हेमराज, रतन लाल शर्मा, सुरेंद्र मिश्रा, हरपिंद्र कौर, निखिल डोगरा, उर्मिला, कृष्ण चंद्र सहित अनेक कवि शामिल रहे।
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