पंडोह (मंडी)। राजमाता देवी बूढ़ी भैरवा 22 फरवरी को लाव लश्कर के साथ महाशिवरात्रि महोत्सव मंडी में भाग लेने के लिए अपर पंडोह स्थित भंडार से रवाना होंगी। विधिवत पूजा-अर्चना के बाद माता के रथ को भंडार से निकाला जाएगा। 22 फरवरी से लेकर 25 फरवरी तक माता अपने भक्तों के घरों पर रुककर उन्हें मेहमाननवाजी का मौका देंगी।
25 फरवरी को दोपहर बाद माता का रथ लाव लश्कर के साथ मंडी शहर स्थित राजदेवता माधोराय के मंदिर पहुंचेगा। राज परिवार को आशीर्वाद देने के बाद माता 7 दिनों के लिए राजमहल में निरोल विराजमान हो जाएंगी। महोत्सव में नरोल की सिर्फ 9 देवियां ही हैं जिनमें देवी बूढ़ी भैरवा भी शामिल हैं। ये देवियां राजमहल में निरोल विराजमान होकर वहीं पर ही भक्तों को दर्शन देकर आशीर्वाद देती हैं। संवाद