संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मई-जून महीने में तापमान बढ़ोतरी के बाद खरीफ की फसलों को लेकर भी किसानों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिले के जोगिंद्रनगर, पधर, द्रंग, लडभड़ोल की हजारों हेक्टेयर भूमि में धान, मक्की, चरी, बाजरा की खेती हर साल किसान करते हैं। यह फसल मई-जून में बिजाई के बाद अक्तूबर-नवंबर में तैयार हो जाती है।
इन दिनों खरीफ की फसलों के लिए कृषि विभाग के विक्रय केंद्रों में हाईब्रिड बीज पहुंच चुके हैं। इन्हें किसानों को सब्सिडी में देने की विभाग ने भी कमर कस ली है। गेहूं की कटाई और थ्रेशिंग के बाद धान, मक्की, बाजरा, चरी की बिजाई होगी। द्रंग और चौंतड़ा ब्लॉक के सैकड़ों किसान इसके लिए खेतों में डट गए हैं। सोमवार को जोगिंद्रनगर कृषि विक्रय केंद्र में काफी संख्या में किसानों ने हाइब्रिड बीज की भी खरीदारी की। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गर्मी में खरीफ की फसलों की बिजाई के लिए विशेष शिविर लगाकर किसानों को खेती के लिए जागृत किया जा रहा है। सस्ती दरों पर बीज उपलब्ध करवा दिए हैं।
कृषि विभाग के विषयवाद पूर्ण चंद ठाकुर ने बताया कि द्रंग कृषि खंड के लिए 400 क्विंटल हाइब्रिड मक्की, 14 क्विंटल हाइब्रिड धान, 20 क्विंटल धान, 180 क्विंटल चरी तथा लगभग 80 क्विंटल बाजरा का बीज उपलब्ध है। यह किसानों को सब्सिडी पर उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त सब्जियों में भिंडी, घीया, करेला, टमाटर, बैंगन आदि के बीज भी कृषि विक्रय केंद्रों में पहुंच गए हैं।