जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में रोजाना मरीजों को चिकित्सकों का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में चिकित्सकों क इंतजार में ही मरीजों का मर्ज बढ़ा रहा है।
उपमंडलीय अस्पताल में 16 चिकित्सकों की नियुक्ति स्वास्थ्य विभाग ने कर रखी है। इसके बावजूद हर ओपीडी में मरीजों की भीड़ उपचार के लिए बढ़ती जा रही है। लचर प्रबंधन के चलते रोजाना मरीज मायूस होकर लौट रहे हैं। इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार को लेकर कोई भी कारगर कदम स्वास्थ्य विभाग नहीं उठा रहा है।
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सप्ताह के पहले दिन सोमवार को उपचार के लिए करीब चार सौ मरीज पहुंचे। इसमें से काफी मरीज पर्ची हाथ में लेकर चिकित्सकों का इंतजार करते रहे। वहीं अपनी बारी के लिए भी कतारों में लगकर परेशान होना पड़ा। हैरत की बात है कि सौ बिस्तरों वाले अस्पताल में 16 चिकित्सकों की नियुक्ति के बाद भी मरीज पर्ची हाथ में लेकर भटकते रहे। अव्यवस्था पर तीमारदारों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया है। सुबह साढ़े नौ बजे पर्ची कक्ष की भीड़ दोपहर एक बजे तक ओपीडी के बाहर लगी रही। इनमें गंभीर मरीजों को उपचार हासिल करने के लिए काफी जद्दोजहद भी करनी पड़ी। तीमारदारों के अनुसार कुछ चिकित्सकों की गैर मौजूदगी के चलते मरीजों का उपचार लंबा हो रहा है। वहीं विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी भी मरीजों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। ऐसे में तीमारदारों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से अस्पताल की लचर व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई है।
अस्पताल के एसएमओ डॉ. रोशन लाल कौंडल का कहना है कि अस्पताल में रोजाना उपचार के लिए पहुंच रहे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ दिलाया जा रहा है। कई बार अधिक भीड़ के चलते मरीजों को कुछ परेशानी झेलनी पड़ी होगी। इस व्यवस्था में भी सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।