ग्राम पंचायत गुड़ाह की विशेष ग्राम सभा में भाग लेते ग्रामीण।
थुनाग (मंडी)। शिकारी देवी वन्य जीव अभयारण्य में जैव विविधता बरकरार रखने के लिए बनाए गए ईको सेंसिटिव जोन में शामिल पंचायतों ने ग्रीन एनर्जी आधारित योजनाओं के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की है। रविवार को सराज विकास खंड की ग्राम पंचायत संगलवाड़ा और गुड़ाह में ईको सेंसिटिव जोन पर चर्चा के लिए विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की गईं। इसमें पंचायतों ने ईको सेंसिटिव जोन में शामिल किए जाने पर विरोध जताया। इसके अलावा पंचायतों ने सेंक्चुरी एरिया में जंगली जानवरों की ओर से मवेशियों को मारे जाने पर दोगुना मुआवजा देने का प्रस्ताव पारित किया है।
ग्राम पंचायत गुड़ाह की ग्रामसभा उपप्रधान टिक्कम सिंह की अध्यक्षता में हुई। ग्रामसभा में पंचायत में दो रोपवे बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें बकारन खड्ड से शिकारी देवी वाया भरमेरी नसरार जबकि दूसरा रोपवे निहारी से मुरहाला देहुरी बनाना शामिल है। उपप्रधान टिक्कम सिंह ने बताया कि सेंक्चुरी एरिया से सटा होने का सबसे ज्यादा खामियाजा गुड़ाह पंचायत के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। आजतक क्षेत्र के गांव सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। ग्रामसभा में सड़क सुविधा के अभाव पर चर्चा हुई। बकारन, नसरार, छनैणी, कुटला, निहारी, ढमेरी और धरवार गांवों को सड़क से जोड़ने और एंबुलेंस मार्ग बनाने के प्रस्ताव पारित किए गए। इसके अलावा ईको सेंसिटिव जोन में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का प्रस्ताव भी पारित किया गया है।
ग्राम पंचायत संगलवाड़ा के प्रधान शोभा राम ने बताया कि ग्रामसभा में दस करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को जोनल मास्टर प्लान में शामिल करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने बताया कि संगलवाड़ा पंचायत के ढलियार, रियाड़ा, शिल्ह और केलोनाल गांव सेंसिटिव जोन के दायरे में आते हैं। ग्रामसभा में इन गांवों के लिए आगामी 20 सालों तक का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। ग्रामसभा में पारित इन योजनाओं को बीडीओ सराज को प्रेषित किया जाएगा।
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ईको सेंसिटिव जोन में आने वाले लोगों के लिए जोनल मास्टर प्लान वरदान साबित होगा। मास्टर प्लान में दी गई योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। मास्टर प्लान नोटिफाई होने के बाद योजनाओं की अनुमति मिलना मुशिकल होगा। प्रभावित गांव के लोग कभी भी कार्यालय में आकर जानकारी ले सकते हैं।
-सुरेंद्र कश्यप, सदस्य, निगरानी समिति
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