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जोगिंद्रनगर क्षेत्र में दस करोड़ से संवरेगी पेयजल योजना

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जोगिंद्रनगर (मंडी)। शहरी क्षेत्र जोगिंद्रनगर में दस करोड़ से पेयजल योजना के संवर्द्धन की कवायद शुरू हो गई है। यह योजना कंप्यूटरीकृत होगी। ऑटोमेशन मोड़ पर संचालित होने वाली इस पेयजल योजना के शुरू होने के बाद शहरवासियों को बरसात में भी स्वच्छ पेयजल मिलेगा। योजना को क्रियान्वित करने के लिए जल शक्ति विभाग ने प्रारूप तैयार कर लिया गया है। इसे स्वीकृति के लिए सरकार के पास भेजा जा रहा है। बजट का प्रावधान होते ही योजना का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
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शहरी क्षेत्र में करीब 50 साल पुरानी पेयजल योजना से नगर परिषद जोगिंद्रनगर के सात वार्डों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है। बरसात के मौसम में कई बार नलों में दूषित पानी आ जाता है। इससे जलजनित रोग होने की आशंका बढ़ जाती है। पुरानी पेयजल योजना के पाइप भी खराब हो चुके हैं। इससे जलशक्ति विभाग के लिए दिक्कतें उठानी पड़ती है। अब तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए जलशक्ति विभाग ने करीब दस करोड़ रुपये की कंप्यूटरीकृत पेयजल योजना को शहरी क्षेत्र के पेयजल उपभोक्ताओं के लिए जल्द क्रियान्वित करने की मुहिम शुरू की है।
जलशक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता अराध्य ने बताया कि बजट स्वीकृत होने के महज दो साल के अंदर शहरी क्षेत्र में कंप्यूटरीकृत पेयजल योजना को शुरू कर दिया जाएगा। योजना में पानी की ग्रेविटी का भी पता लगता रहेगा। मौजूदा समय में जिमजिमा स्थित लाखों लीटर के जलभंडारण टैंकों से पानी की आपूर्ति होती है। नई पेयजल योजना के क्रियान्वित होने के बाद बरसात के मौसम में भी स्वच्छ पेयजल शहरवासियों को मिलेगा।
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जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता सूक्षम नाग ने बताया कि शहरी क्षेत्र के लिए दस करोड़ की पेयजल योजना की डीपीआर तैयार की है। इसे सरकार के पास स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है। बजट स्वीकृत होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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