मंडी। जिला कारागार मंडी की महिला कैदियों के ओर से बनाए उत्पादों को बेचने के लिए लोहड़ी और मकर संक्रांति के मौके पर सेरी मंच पर हिमकारा स्टॉल लगाया गया।
इसमें कैदी महिलाओं द्वारा बनाए उत्पादों को बेचने के लिए रखा गया हैताकि महिला कैदियों के हुनर को पहचान मिल सके और उनको आर्थिक लाभ भी मिले। महिला कैदियों के ऊनी वस्त्र, शॉल, स्टॉल, दस्ताने, बच्चों के कपड़े, मफलर, गर्म वस्त्रों समेत कई प्रकार के ऊनी उत्पादों को बनाया गया है। सभी उत्पादों पर उनके दाम भी लिखे हैं, ताकि ग्राहक अपने हिसाब से इनको खरीद सकें। इसके साथ ही पुरुष कैदियों ने भी उत्पाद बनाए हैं। इनमें बेकरी के ब्रेड, कई तरह के बिस्किट, पेटीज और बर्गर बनाए गए हैं।
यह स्टॉल जेल रोड स्थित जिला कारागार में हमेशा लगाया जाता है, मगर कुछ अवसरों पर यह शहर के मुख्य स्थानों पर लगाने का निर्णय लिया गया है ताकि कैदियों के उत्पादों का लोगों को पता लगे।
बता दें कि जिला कारागार में इस समय करीब 200 कैदी हैं। इनमें से 25 कैदी जिनमें ज्यादा महिलाएं शामिल हैं वह उत्पादों को तैयार कर रही हैं। इस कला को जिला प्रशासन की ओर से प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
कैदियों का बढ़ेगा आत्मविश्वास
प्रशासन का कहना है कि जिन कैदियों ने जेल में रहकर सामान तैयार किया जा रहा है, उसकी बिक्री की जाएगी। उनके खातों में राशि पहुंचेगी तो उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। उनको एहसास होगा कि आखिर पैसा क्राइम या बुरे काम से ही नहीं कमाया जा सकता, पैसा कमाने के लिए कई बेहतर साधन भी हैं। इससे अन्य कैदियों के विचारों में भी परिवर्तन लाया जा सकता है।
कैदियों के खाते में जाती है राशि
एसडीएम सदर रीतिका जिंदल का कहना है कि कैदियों के हुनर को संवारने के लिए प्रशासन के द्वारा उनके बनाए उत्पादों की बिक्री लोहड़ी और मकर संक्रांति के मौके पर सेरी मंच पर करने के लिए स्टॉल लगाया गया है। जिन कैदियों ने सामना तैयार किया है उनके खातों में बिक्री की राशि जाएगी। अगर कोई महिला स्वेटर बनाती है तो उस स्वेटर की जो कीमत निर्धारित होगी वह उसके खाते में क्रेडिट होगी।
सेरी मंच पर लगे स्टॉल में रखे गए कैदियों के बनाए गए उत्पाद- फोटो : Mandi