जोगिंद्रनगर अस्पताल में हड्डी, नेत्र, ह्दय सहित अब चर्म रोग के उपचार से महरूम हैं मरीज
बाल रोगियों को लेकर आई माताओं को भी अस्पताल में इधर-उधर भटकना पड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में करीब दो वर्षों से बाल रोगियों को उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है। अब स्त्री रोग ओपीडी के बंद होने से गर्भवती महिलाओं को भी इलाज से वंचित होना पड़ रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव के चलते उपमंडलीय अस्पताल में हड्डी, नेत्र और हृदय रोग के बाद अब चर्म रोग का उपचार भी बंद हो गया है। अल्ट्रासाउंड और ब्लड बैंक की सुविधा भी कई वर्षों से ठप पड़ी है। बुधवार को गायनी ओपीडी में ताला लटका देख गर्भवती महिलाएं निराश होकर लौट गईं। वहीं, बाल रोगियों को लेकर आई माताओं को भी अस्पताल में इधर-उधर भटकना पड़ा।
करीब एक वर्ष से हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने के कारण दुर्घटनाओं में घायल फ्रेक्चर मरीजों को उपचार के लिए नेरचौक और टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। हृदय रोगियों को भी चिकित्सक उपलब्ध न होने के कारण 50 किलोमीटर दूर पालमपुर और मंडी जाकर उपचार करवाना पड़ रहा है। नेत्र रोगियों को भी पिछले दो वर्षों से स्थानीय स्तर पर उपचार सुविधा नहीं मिल रही है। अस्पताल में स्वीकृत 19 पदों में से 10 से अधिक चिकित्सक पद खाली हैं, जिसके कारण प्रतिदिन आने वाले 200 से अधिक मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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खाली पड़े विशेषज्ञ चिकित्सकों के पदों की पुनः नियुक्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग को अवगत करवाया गया है। मौजूदा समय में तैनात अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध संसाधनों के तहत मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास कर रहे हैं। -डॉ. विकास नाथ, एसएमओ, जोगिंद्रनगर
अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी प्रदेश कांग्रेस सरकार की लचर कार्यप्रणाली का परिणाम है। राजनीतिक कारणों से विशेषज्ञ पद नहीं भरे जा रहे हैं। अब इस मुद्दे को लेकर जन आंदोलन चलाकर आवाज बुलंद की जाएगी। -प्रकाश राणा, भाजपा विधायक, जोगिंद्रनगर