मंडी। पुलघराट में हुए गोलीकांड के मामले में सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण और टावर डंप के सहारे मंडी पुलिस आरोपियों तक पहुंची। मामले में कुल्लू और बिलासपुर पुलिस ने भी तकनीकी जांच में सहयोग किया। कुल्लू जिले के भुंतर में लगे सीसीटीवी से ही पुलिस को बड़ी लीड हाथ लगी। यहीं से शातिरों तक पहुंचने में पुलिस सफल रही। टावर डंप के आधार पर घटनास्थल पर सक्रिय नंबरों का विश्लेषण करते हुए भी संदिग्ध को घेरे में लाया।
शातिरों ने योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया। शातिरों ने मंडी पहुंचने से पहले औट में बाइक की नंबर प्लेट निकाल दी थी। पुलिस जांच पड़ताल में बाइक कोई और ही निकली है जबकि नंबर किसी और बाइक का निकला है। पुलिस की जांच में भुंतर में लगे सीसीटीवी में बाइक सवार नजर आए। इसमें बाइक पर नंबर लगा था।
घटना के दौरान यह नंबर हटा लिया था और सीसीटीवी में भी आरोपियों की शक्ल साफ नहीं दिख रही थी। आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए सिर पर रुमाल रखे थे। नंबर ट्रेस करने के बाद कड़ी दर कड़ी मिलाने के साथ ही टावर डंप के आधार पर ही लोकेशन जुटाते हुए पुलिस शातिरों तक पहुंच गई। बाइक का नंबर ट्रेस होने पर जांच करते हुए पुलिस को पता चला कि यह बाइक मालिक ने स्क्रैप में बेच दी थी। इसे शातिर इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस इस मामले में अन्य लोगाें की संलिप्तता को भी खंगाल रही है। यदि पुख्ता तथ्य सामने आते हैं तो गिरफ्तारी भी हो सकती है।
उधर, पुलिस अधीक्षक मंडी साक्षी वर्मा ने बताया कि इस मामले में सभी की भूमिका देखी जा रही है। बाइक कहां से और कैसे ली गई थी, इसके बारे में जांच जारी है। आरोपियों से पूछताछ कर सभी तथ्य जुटाए जाएंगे।