जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल में चिट्टा, चरस के आदी युवाओं के बीच नशीली दवाओं के सेवन का पर्दाफाश होते ही अब स्थानीय पुलिस सरगना का सुराग लगाने में जुट गई है। प्रतिबंधित नशीली दवाओं को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने वाले शातिर अब पुलिस के रडार पर हैं। उपमंडल के करीब 18 युवाओं के खून की जांच में मारफीन, ट्रामाडोल और कोडीन जैसी नशीली दवाओं की पुष्टि हुई है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर ये दवाइयां युवाओं ने कहां से लीं और किस तरह उन तक पहुंचीं। नशीली दवाओं के आदी युवाओं को पुलिस थाना तलब कर जांच की जा रही है। जोगिंद्रनगर उपमंडल में सिंथेटिक नशे की ओवरडोज से कई घरों के चिराग बुझ चुके हैं। बावजूद नशे का यह धंधा फलफूल रहा है।
इससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। अभिभावकों अजय ठाकुर, विनोद ठाकुर, सुनीता, महेश, राकेश आदि ने बताया कि नशीली दवाओं का सेवन नशे के लिए किया जाना चिंताजनक है। पुलिस के इस अभियान में अभिभावक भी साथ हैं। जोगिंद्रनगर थाना प्रभारी सकीनी कपूर के अनुसार नशीली दवाओं का सेवन युवा पीढ़ी के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। लिहाजा पुलिस ऐसे सरगनाओं की धरपकड़ के लिए हरकत में है। उधर डीएसपी पधर देवराज ने कहा कि जोगिंद्रनगर में नशीली दवाओं के सेवन की कुछ युवकों में पुष्टि होने के बाद पुलिस अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई अमल में ला रही है। संवाद