मंडी। कुल्लू के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से 36.50 लाख रुपये ठगी करने के मामले में साइबर पुलिस ने रिफंड की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। आरोपियों ने चेन के माध्यम से लगभग 18 खातों में धनराशि पहुंचाई और फिर उसे खुर्द-बुर्द करने का प्रयास किया। पुलिस 45 ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड जुटाने में जुटी है और खातों को फ्रिज करने के प्रयास कर रही है।
साइबर पुलिस यह भी पता लगा रही कि शातिरों द्वारा इस्तेमाल में लाए गए सभी खातों में कितनी धनराशि मौजूद है। इस धनराशि को भी फ्रिज करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस जांच से वाकिफ शातिर धनराशि को तुरंत ही विभिन्न माध्यमों से इस्तेमाल करते हैं। पुलिस तकनीकी जांच से भी इस मामले में शातिरों तक पहुंचने और धनराशि को रिफंड करवाने के प्रयास में लगी हुई है। बता दें कि साइबर ठगों ने एक फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर कुल्लू के सेवानिवृत्त कर्मचारी को फोन किया और कहा कि उसका मोबाइल नंबर पोर्नोग्राफी व अवैध गतिविधियों में शामिल होने का हवाला देकर 36.50 लाख रुपये ठगे थे।
इससे पहले भी जिले के एक सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता से सोशल मीडिया पर निवेश के नाम पर 20 लाख की ठगी की जा चुकी है। वहीं, हमीरपुर जिले के एक सेवानिवृत्त एचएएस अधिकारी से भी डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 73 लाख रुपये की ठगी हुई थी। तीनों ही मामलों में जागरूकता के अभाव में शातिर सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों की जिंदगीभर की पूंजी चंद घंटों में ही ले गए। उधर, साइबर पुलिस थाना मंडी मध्य जोन के एएसपी मनमोहन सिंह ने बताया कि मामले में नियमानुसार जांच पड़ताल जारी है।