फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mandi News: पशु चारे में घुला जहर, बछड़े की मौत से पशुपालकों में हड़कंप

विज्ञापन
विज्ञापन
कीटनाशकों के छिड़काव से जहरीली हुई घास
विज्ञापन

कई दुधारू पशुओं के बीमार होने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल क्षेत्र में खेतों में कीटनाशक दवाओं के लापरवाहीपूर्ण छिड़काव से पशुओं की जान पर संकट गहराने लगा है। जहरीली घास खाने से तलकेहड़ पंचायत में एक बछड़े की मौत हो गई, जबकि कुछ दुधारू गायों के बीमार होकर तड़पने के मामले भी सामने आए हैं। घटना के बाद पशुपालकों में हड़कंप मच गया है। पशुपालन विभाग ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
विज्ञापन

क्षेत्र में अधिक पैदावार और खरपतवार नियंत्रण के लिए खेतों में लगातार कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन दवाओं के संपर्क में आने से खेतों की घास जहरीली हो रही है, जिसे खाने के बाद मवेशियों की तबीयत बिगड़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं। विकास खंड चौंतड़ा के कुछ क्षेत्रों में ऐसे मामले सामने आने के बाद पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, लावारिस मवेशियों पर भी इसका खतरा मंडरा रहा है। तलकेहड़ पंचायत में पशुओं के बीमार होने की सूचना मिलने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने पशुपालकों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पशुपालन विभाग से संपर्क किया जाए, ताकि समय पर उपचार मिलने से पशुओं की जान बचाई जा सके। उधर, उपमंडलीय पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद ने बताया कि कीटनाशक विषाक्तता की स्थिति में पशुओं में सांस लेने में कठिनाई, अत्यधिक लार बहना और बेचैनी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण नजर आते ही पशुपालकों को बिना देरी किए नजदीकी पशु चिकित्सालय पहुंचना चाहिए। शुरुआती एक घंटा उपचार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होता है और इस दौरान इलाज मिलने पर पशुओं के बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से आग्रह किया है कि कीटनाशक छिड़काव वाले खेतों से घास काटकर पशुओं को खिलाने से पहले पूरी सावधानी बरतें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें