मंडी। नगर परिषद मंडी में अवैध भवनों के नियमितीकरण के लिए प्रदेश सरकार के अध्यादेश पर मंडी के पार्षद मुखर हो गए हैं। नगर परिषद मंडी के पार्षदों ने प्रदेश सरकार से ऐतिहासिक मंडी शहर में अवैध भवनों के नियमितीकरण अध्यादेश में छूट देने की मांग की है। पार्षदों ने ओपन सेट बैक में छूट देने और नियमितीकरण की दरों में कमी लाने के लिए आवाज बुलंद की है।
मंडी शहर में 1500 से अधिक अवैध भवन बने हुए हैं। शहरी ओपन स्पेस की शर्तों और भारी भरकम फीस को भरने में असमर्थता जाहिर कर रहे हैं। शहर में 80 फीसदी से अधिक भवनों का निर्माण बिना नक्शों के हुआ है। यहां जमीन की कमी के चलते एक से दूसरे घर सटे हैं। नगर परिषद मंडी ने जून माह से भवन नियमितीकरण के लिए आवेदन मांगे थे। भवन नियमितीकरण के लिए आवेदन करने के लिए 45 दिनों का समय शहरियों को दिया गया था। लेकिन, जुलाई माह तक भी दो दर्जन से कम भवन मालिकों ने नियमितीकरण के लिए आवेदन किया है।
अध्यादेश में छूट देने के लिए प्रस्ताव पारित कर भवन नियमितीकरण अध्यादेश में बदलाव लाने की मांग के सिलसिले में नगर परिषद मंडी में नप अध्यक्ष नीलम शर्मा की अध्यक्षता में विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इसमें अवैध भवन नियमितीकरण अध्यादेश की शर्तों में रियायत और नियमितीकरण की दरों में कमी की मांग के लिए प्रस्ताव पारित किया गया है। विशेष बैठक में पार्षदों ने मांग उठाई कि वास्तुकार भवनों के नक्शे बनाने के लिए मनमाने दाम वसूल रहे हैं। सरकार को भवन के नक्शे बनाने की दरें भी तय करनी चाहिए। इस मांग को लेकर भी बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया। वहीं, शहर में पार्किंग समस्या के समाधान के लिए स्कोहडी खड्ड के ऊपर रेहड़ी मार्केट और पार्किंग निर्माण करने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में नगर परिषद उपाध्यक्ष विशाल, पार्षद अल्कनंदा हांडा, वीरेंद्र शर्मा, सिमरनजीत कौर, नेहा कुमारी, सुमन ठाकुर, पुष्पराज कात्ययान, जितेंद्र, निर्मला देवी, उर्मिला शर्मा, बंशी लाल उपस्थित रहे।
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मंडी शहर में एक से दूसरा घर सटा है। ऐसे में इस शहर में ओपन सेट बैक की शर्त को पूरा किया जाना मुश्किल है। इसके अलावा नियमितीकरण की दरें भी बहुत अधिक हैं। सरकार से मंडी के शहरियों को अध्यादेश की ओपन सेट बैक की शर्त में छूट और नियमितीकरण दरों में कमी लाने की मांग विशेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर उठाई गई है।
..नीलम शर्मा अध्यक्षा नप मंडी