मंडी। मंडी शहर में मंगलवार को हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त मोर्चा के बैनर तले 17 खंडों के सैकड़ों पेंशनरों ने रैली निकालकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इसमें पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और सरकार से तत्काल समाधान की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पेंशनरों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस मौके पर हिमाचल फेडरेशन जोन के संयोजक हरीश शर्मा ने कहा कि पिछले तीन महीनों में लगातार मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को पेंशनरों की समस्याओं से अवगत करवाया गया है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसमें पेंशनरों की मुख्य लंबित मांगें महंगाई भत्ता की बकाया राशि 34 से 42 प्रतिशत व महंगाई भत्ते की किस्तें 42-58 प्रतिशत यानी 16 प्रतिशत की बकाया है। सरकार से अनुरोध है कि इन किस्तों को अविलंब जारी करें। इसके अलावा जो कर्मचारी 2016 से 2022 के मध्य सेवानिवृत्त हुए हैं, उनके नए वेतनमान का भुगतान तुरंत किया जाना चाहिए है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संगठन ने मांग की है कि पेंशनरों को हर महीने की पहली तारीख को पेंशन दी जाए। लंबित चिकित्सा बिलों का शीघ्र भुगतान किया जाए। डीए एरियर की दोनों किस्तें जल्द जारी की जाएं। इन सभी मांगों पर विचार हुआ व सरकार को एडीसी के माध्यम से मांग पत्र भेजा। एक महीने की समय अवधि के अंदर सरकार निर्णय ले अन्यथा 17 दिसंबर को पेंशनर दिवस के बाद उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
इस अवसर पर रोशन लाल कपूर, डॉक्टर केसी मल्होत्रा, नागेंद्र कपूर, किशोर कुमार ठाकुर, ताराचंद, जसवंत सिंह चंदेल, कुलदीप शर्मा, रेवती राम शर्मा, जोगिंद्र वर्मा, निक्का राम चौधरी, हेत राम ठाकुर, बृज लाल ठाकुर, दिले राम, प्रताप ठाकुर, यशवंत सिंह ठाकुर, चमन ठाकुर, ठाकुर सिंह, सूरज ठाकुर व अन्य मौजूद रहे।