जिला अध्यक्ष बोले-मांगें पूरी न हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतरेंगे
स्टेट कैडर के दर्जे के बिना तबादला नीति हरगिज स्वीकार नहीं होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश राजस्व विभाग में पटवारी-कानूनगो को स्टेट कैडर के दर्जा न मिलने और सीधे प्रदेशभर में तबादला नीति को लेकर गुस्साए मंडी जिला महासंघ ने हड़ताल का एलान कर दिया है। वीरवार को मंडी जिले के सभी पटवार सर्कलों और कानूनगो भवन में सभी प्रकार के कामकाज बंद करने का फरमान जिलाध्यक्ष ने जारी किया है।
जिला अध्यक्ष दीनानाथ ने दो टूक कहा है कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो मंडी जिले के करीब 700 पटवारी और कानूनगो अपने कार्यालय की चाबियां भी संबंधित राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों को सौंपकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतर जाएंगे। संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के जिलाध्यक्ष दीनानाथ ने बताया कि राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों को इस संबंध लिखित तौर पर अवगत करवा दिया गया है। बताया कि प्रदेश में कानूनगो पटवारियों की तबादला नीति बिना स्टेट कैडर के दर्जे के बिना हरगिज स्वीकार नहीं होगी।
जिला अध्यक्ष दीनानाथ ने 2011, 15 और 18 की लंबित पदोन्नति के लिए पटवारी और कानूनगो को स्टेट कैडर का दर्जा दिलाने की मांग करते हुए कहा कि आपदा से जुड़े कार्यों को लेकर किसी भी प्रकार के ऑनलाइन कामकाज को भी महासंघ नहीं करेगा। बताया कि जोगिंद्रनगर, नाचन, करसोग, द्रंग, बल्ह, गोहर व धर्मपुर और सरकाघाट में सेवारत 552 पटवारी और 132 कानूनगो की पदोन्नति के लिए स्टेट कैडर का दर्जा मिलना बेहद जरूरी है। यहां पर वरिष्ठता के सीमित पद ही आरक्षित हैं और स्टेट कैडर का दर्जा मिलने के बाद पटवारी और कानूनगो को भी वरिष्ठता का लाभ भी तभी मिल पाएगा।
जिलाध्यक्ष दीनानाथ ने बताया कि नायब तहसीलदार के 65 पदों के लिए पटवारी व कानूनगो के लिए 60 प्रतिशत कोटा ही आरक्षित किया गया है, जबकि 20 प्रतिशत पद राजस्व विभाग के लिपिकों और कमीशन पासआउट कर राजस्व विभाग में तहसीलदार भी 20 प्रतिशत आरक्षित कर रखे हैं। बताया कि वीरवार को महासंघ्ज्ञ अपनी मांगों को लेकर राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों को मांगपत्र भी सौंपेंगे।