फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हड़ताल से तंग मरीजों ने निजी अस्पतालों का किया रुख

विज्ञापन
विज्ञापन
मंडी। जिले के चिकित्सालयों में पांच दिनों से चल रही डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। जिला के पीएचसी, सीएचसी, सिविल अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में भी दो घंटों की हड़ताल से मरीज और तीमारदार परेशान हैं।
विज्ञापन

दो घंटों की रोजाना हड़ताल से तंग होकर मरीज अब निजी अस्पताल जा रहे रहा हैं। सुबह-सुबह पर्ची के लिए जद्दोजहद के बाद दूरदराज से आए लोगों को दो घंटों तक ओपीडी के बाहर में बैठकर डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों की आने वाले वीरवार से परेशानी और बढ़ने वाली है। डॉक्टरों उस दिन के बाद दिनभर हड़ताल करेंगे।
जोनल अस्पताल मंडी, मेडिकल कॉलेज नेरचौक, सिविल अस्पताल सरकाघाट, बलद्वाड़ा, करसोग, धर्मपुर, गोहर, सुंदरनगर, थुनाग, रिवालसर, नगवाईं के अलावा पीएचसी, सीएचसी में हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। सीएमओ डॉ. देवेंद्र शर्मा का कहना है कि दो घंटों तक हड़ताल का असर हो रहा है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवाओं में कोताही नहीं बरती जा रही है।
विज्ञापन

केस वन: क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में हड़ताल के चौथे दिन सुबह से ही मरीजों को परेशान देखा गया। कठिनाई से पर्ची बनाने के बाद मरीजों को दो घंटों तक ओपीडी के बाहर और अस्पताल के बाहर डॉक्टरों का इंतजार करते हुए देखा गया। सराज से आए बुजुर्ग रामलाल ने बताया कि वह बीपी के मरीज हैं। पिछले दिन से उसकी तबीयत खराब है। आज सुबह वह अस्पताल पहुंचे तो बड़ी मुश्किल से पर्ची बनवाई, मगर दो घंटों तक उपचार नहीं मिल पाया।
केस दो: जोनल अस्पताल मंडी में ही गोहर की रोशनी देवी ने बताया कि उनकी टांग में दर्द है। काफी समय से वह अस्पताल में चेकअप के लिए आने की सोच रही थीं मगर नहीं आना हो रहा था। सोमवार को जैसे तैसे वह अस्पताल आई मगर यहां आने के बाद उन्हें बहुत अधिक कठिनाई हुई। दो घंटों तक ओपीडी के बाहर डॉक्टर का इंतजार करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें