परिजनों और स्थानीय लोहारा पंचायत के प्रधान पन्नालाल ने आरोप लगाया कि मरीज को कौन सा इंजेक्शन और क्यों लगाया गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई। घटना के समय वार्ड में कोई वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद नहीं था। अस्पताल में मरीजों को अकसर प्रशिक्षु डॉक्टरों और नसों के भरोसे छोड़ दिया जाता है। परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने शोर मचाया, तब जाकर डॉक्टर उन्हें आनन फानन में आईसीयू ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ग्रामीणों के
आक्रोश को देखते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया गया, जिसकी रिपोर्ट का अभी इंतजार है।
हालांकि शुक्रवार को गांव में गमगीन माहौल के बीच बलदेव राम का अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन ग्रामीणों में स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति भारी गुस्सा है। बिहारी लाल, रजत और विजय सहित अन्य ग्रामीणों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ. आरआर नेगी ने कहा कि एक व्यक्ति की मौत हुई है। मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। परिजनों को किसी भी प्रकार की लापरवाही का अंदेशा है तो वे लिखित में शिकायत सौंपें।