नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पिछले पांच महीनों से प्रदेश में डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट का हवाला देकर चुनावों को टालने का प्रयास कर रहे हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस कानून का उपयोग आपदा के समय लोगों की जान और माल की रक्षा के लिए होना चाहिए, सुक्खू सरकार उसका उपयोग अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन को बचाने के लिए कर रही है। आपदा की आड़ में लोकतंत्र का गला घोंटना कांग्रेस की पुरानी कार्यसंस्कृति रही है।
जयराम ने आरोप लगाया कि सरकार चुनावों से भयभीत है और जनता का सामना करने से कतरा रही है। इसी डर के कारण सरकार नियमों को ढाल बनाकर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बाधित कर रही है। एक तरफ कांग्रेस के नेता पूरे देश में संविधान की किताब हाथ में लेकर घूमने का नाटक करते हैं और संविधान बचाओ का ढोंग करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ जहां भी उन्हें मौका मिलता है, वे स्वयं संविधान की धज्जियां उड़ाने से बाज नहीं आते।
उन्होंने कहा कि सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं को निष्पक्ष काम करने से रोक रखा है। ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव आयोग को स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने के बजाय सरकार के इशारों पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हाईकोर्ट के डबल बेंच के फैसले पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की प्रतिक्रिया को नेता प्रतिपक्ष ने हास्यास्पद बताया।