मंडी। कोरोनाकाल में कोविड संक्रमण से जूझने वालों को अब ऑक्सीजन के लिए तड़पना नहीं पड़ेगा। जोनल अस्पताल मंडी में जिला का सबसे बड़ा ऑक्सीजन प्लांट दस दिन में बनकर तैयार होगा। इसकी क्षमता एक हजार लीटर प्रति मिनट होगी। वर्तमान में नेरचौक मेडिकल कॉलेज में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता पांच सौ लीटर प्रति मिनट है। भारत सरकार के डीआरडीओ ने निर्देशों के बाद बुधवार से इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस संदर्भ में बुधवार को डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर के निर्देशों पर एनएचएआई और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जोनल अस्पताल का दौरा किया और प्लांट के लिए जगह चिह्नित की। एनएचएआई 10 दिनों के भीतर ऑक्सीजन प्लांट के लिए ढांचा तैयार करके देगा। जिसमें बिजली की सुविधा भी होगी जबकि उसके बाद डीआरडीओ ऑक्सीजन प्लांट की सारी मशीनरी स्थापित करके इसे सुचारु रूप से चलाकर जोनल अस्पताल प्रबंधन के हवाले कर देगा। सीएमओ मंडी डॉ. देवेंद्र शर्मा ने बताया कि यह प्लांट एक हजार लीटर प्रति मिनट की दर से ऑक्सीजन का उत्पादन करेगा और इससे अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों को बहुत ज्यादा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रशासन के निर्देशों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नवीन मिश्रा और जोनल अस्पताल के एमएस डॉ. डीएस वर्मा के साथ उन्होंने खुद संयुक्त दौरा करके जगह का चयन कर लिया है।
200 बिस्तरों की होगी सुविधा
बता दें कि अभी तक 90 बिस्तरों वाले जोनल अस्पताल मंडी में सिलिंडरों के माध्यम से ऑक्जसीन की सप्लाई की जाती है। 100 बिस्तरों वाला एमसीएच भी बहुत जल्द सुचारु होने वाला है। जिसके बाद अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़कर 200 तक पहुंचने वाली है। कोरोना के मौजूदा समय और भविष्य में यह प्लांट काफी ज्यादा मददगार साबित होने वाला है।