मंडी। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण-दो मंडी ने करसोग क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुए सड़क हादसे के एक मामले में घायल टेक चंद के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 28.44 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। न्यायाधिकरण ने यह राशि 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित बीमा कंपनी को अदा करने के निर्देश दिए हैं।
मामले के तथ्यों के अनुसार 23 अक्तूबर 2021 को शाम करीब 8:15 बजे टेक चंद अपनी बाइक पर दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। जैसे ही वह करसोग में सूद गेस्ट हाउस के पास पहुंचे, सामने से आ रही कार के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद टेक चंद सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल अवस्था में उन्हें पहले सिविल अस्पताल करसोग ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। वह 24 अक्तूबर 2021 से 18 नवंबर 2021 तक आईजीएमसी शिमला में भर्ती रहे। उपचार के दौरान उनका दायां पैर घुटने के नीचे से काटना पड़ा। मेडिकल प्रमाणों के अनुसार उन्हें 70 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता हुई है।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि हादसे के बाद वह लंबे समय तक उपचाराधीन रहे और कार्य करने में असमर्थ हो गए। वहीं, प्रतिवादियों की ओर से दुर्घटना से इनकार किया गया, लेकिन प्रत्यक्षदर्शी गवाही, घटनास्थल की तस्वीरें, चिकित्सकीय दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधिकरण ने कार चालक की लापरवाही सिद्ध मानी।
न्यायाधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि हादसे के समय कार चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस था और वाहन बीमित था। बीमा कंपनी की ओर से बीमा शर्तों के उल्लंघन का कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जा सका। ऐसे में न्यायाधिकरण ने बीमा कंपनी को पूरी मुआवजा राशि अदा करने के आदेश दिए।
मुआवजे की गणना करते समय न्यायाधिकरण ने पीड़ित की आय, भविष्य की आय की क्षति, उपचार अवधि के दौरान मजदूरी हानि, परिचर शुल्क, परिवहन खर्च, विशेष आहार तथा दर्द और पीड़ा जैसे सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कुल 28.44 लाख रुपये मुआवजा निर्धारित किया।