माहूंनाग मेला मैदान की भूमि कॉलेज को सौंपने का विरोध करते लोग। -स्रोत : जागरूक पाठक
सुंदरनगर/डैहर (मंडी)। उपमंडल सुंदरनगर के नागधार निहरी में माहूंनाग मेला मैदान की भूमि को कॉलेज को सौंपने का विरोध फिर शुरू हो गया है। स्थानीय लोग, पंचायत प्रतिनिधि और मंदिर कमेटी का कहना है कि इस मामले में पहले भी कई बार शिकायत की गई। मगर चार साल से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अब मुद्दे को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के सामने फिर उठाया जाएगा। मूल माहूंनाग मंदिर कमेटी निहरी, देव मशीशर कमेटी, देव जाच्छ कमेटी और निहरी क्षेत्र के लोगों ने आरोप लगाया है कि खसरा नंबर 721 और 722 स्थित मुहाल निहरी की कुल छह बीघा भूमि को शिक्षा विभाग के नाम आवंटित किया जा रहा है, जबकि यह भूमि माहूंनाग मंदिर की है। स्थानीय लोगों और मंदिर कमेटी ने हर तीसरे साल होने वाले देवता मेले के लिए इस भूमि को समतल किया था।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निहरी कॉलेज के निर्माण के लिए चुपचाप इस भूमि को बिना सहमति और पूर्व मंजूरी के कॉलेज के नाम किया जा रहा है। लोगों के विरोध के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री ने 25 फरवरी 2020 को कार्रवाई के आदेश दिए थे, लेकिन चार साल से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय लोग कामेश्वर, भागीरथ ठाकुर, केशव कुमार, हुकमी देवी और अन्य ने कहा यह मैदान देवता के मेले और स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र है। यदि भूमि को महाविद्यालय को सौंपा गया तो वे विरोध प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
उधर, एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी ने बताया कि तहसीलदार निहरी की रिपोर्ट के अनुसार यह भूमि हिमाचल सरकार की है और इस पर देवता मेले का आयोजन किया जाता है। इसलिए इस भूमि को शिक्षा विभाग को नहीं सौंपा जाएगा और इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।