मंडी। पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के लिए मेडिकल सुविधा सरकाघाट के ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक से मिल रही है। मगर अब इसे क्षेत्रीय केंद्र योल कैंट के अधीन लाया गया है, जिसका संयुक्त मोर्चा ऑफ एक्स सर्विसमैन ने कड़ा विरोध किया है। पूर्व सैनिकों ने सेना मुख्यालय को पत्र भेजकर निर्णय को बदलने का आग्रह किया है।
पूर्व सैनिकों का कहना है कि पूर्व सैनिक एवं अन्य आश्रित यहां पर अपना मेडिकल ट्रीटमेंट लेते हैं। उससे संबंधित कोई रेफरल आदि लेते हैं तो उन्हें मोहाली चंडीगढ़ आदि बड़े ईसीएचएस अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है। इससे संबंधित बिल आदि का कार्य भी रीजनल सेंटर ईसीएचएस चंडी मंदिर से सुचारू रूप से अभी तक चल रहा था। मगर 27 मार्च को सेना मुख्यालय ने एक पत्र निकालकर के ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक सरकाघाट को चंडी मंदिर के बजाय योल कैंट क्षेत्री ईसीएचएस सेंटर के अधीन कर दिया। इस कारण पूर्व सैनिकों को अब चिकित्सा संबंधी मामलों में कांगड़ा, हमीरपुर और बिलिंग करवाने के लिए योल कैंट का रुख करना पड़ेगा।
संयुक्त मोर्चा ऑफ एक्स सर्विसमैन हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन जगदीश वर्मा सेवानिवृत्त, महासचिव लेफ्टिनेंट रमेश तपवाल तथा सरकाघाट यूनिट के सदस्यों अमृतलाल व अन्य ने बताया कि यहां से योल कैंट कांगड़ा की तरफ आना जाना काफी कठिन है। बसों की सुविधा भी अच्छी नहीं है, जबकि मोहाली चंडीगढ़ जाने के लिए किसी भी समय बस सेवा उपलब्ध है। उन्होंने सेना मुख्यालय, हेड क्वार्टर पश्चिमी कमान चंडी मंदिर को पत्र लिखकर मांग की है कि इस कमान एंड कंट्रोल के नए निर्णय को लागू न किया जाए।