जोगिंद्रनगर अस्पताल में दो दिन के अवकाश के बाद उपचार के लिए उमड़ी मरीजों की भीड़
चार सौ पहुंची अस्पताल की ओपीडी, तीन घंटे बाद मिल पाया उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में दो दिन के अवकाश के बाद उपचार के लिए मंगलवार को भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान अस्पताल प्रशासन की अव्यवस्था भी सामने आई। भारी भीड़ में उपचार के लिए मरीजों के पसीने छूट गए। अस्पताल की एकमात्र गायनी विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती आपात सेवाओं में करने से गर्भवती महिलाओं को बिना उपचार लौटना पड़ा।
उपमंडलीय अस्पताल की सबसे व्यस्त ओपीडी में मंगलवार को उपचार के लिए पहुंचीं महिलाओं को मायूसी हाथ लगी है। ओपीडी में ताला लटका देख गर्भवती महिलाओं को बिना उपचार के लौटना पड़ा। वहीं, अस्पताल की शिशु ओपीडी में भी करीब तीन घंटे देरी के बाद मरीजों को उपचार मिला।
मंगलवार को सौ बिस्तर वाले अस्पताल में करीब चार सौ मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इस दौरान गायनी रोग ओपीडी में तैनात विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. तेंजिन की सेवाएं आपातकालीन में ली जाने से ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचे अधिकांश मरीजों को स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाया। शिशु ओपीडी में तैनात विशेषज्ञ चिकित्सक पहले अस्पताल के कामकाज में व्यस्त रहे। फिर शिशु रोगी वार्ड में दाखिल मरीजों की स्वास्थ्य जांच के बाद करीब साढ़े 11 बजे के बाद ओपीडी में जब उपचार दिलाने पहुंचे तो यहां पर नवजात शिशुओं और उनकी माताओं की भीड़ के बीच उपचार हासिल करने के लिए मरीजों के पसीने छूट गए। सामान्य मरीजों की ओपीडी नंबर 105 में सुबह दस बजे से ही उमड़ी मरीजों की भीड़ दोपहर 12 बजे तक और बढ़ गई। यहां पर कतारों में लंबा इंतजार करने के बाद स्वास्थ्य लाभ मिल पाया। इसी प्रकार अस्पताल की ओपीडी नंबर 106 में तैनात दो विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. विजेंद्र और अनु ने भी मरीजों को भी समय पर मरीजों को स्वास्थ्य लाभ दिलाने का प्रयास किया, लेकिन मरीजों की भीड़ के आगे प्रबंध कम पड़ गए। मरीजों के टेस्ट और डिजिटल एक्सरे के पंजीकरण के दौरान भी मरीजों की भीड़ परेशानियों का सबब बनी रही। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के एसएमओ डॉ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि दो दिन के अवकाश के बाद उपमंडलीय अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे करीब चार सौ मरीजों को स्वास्थ्य लाभ दिलाने के लिए अस्पताल में तैनात सभी चिकित्सकों ने अपनी सेवाओं का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा से किया।