जोगिंद्रनगर अस्पताल में पर्ची कक्ष के बाहर उमड़ी मरीजों की भीड़।
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडलीय अस्पताल जोगिंद्रनगर के दिन बहुरना शुरू हो गए हैं। यहां पर 21 साल बाद चिकित्सकों की संख्या 21 पहुंच गई है। सौ बिस्तरों वाले अस्पताल में अब दस मेडिकल ऑफिसर, दो-दो गायनी, शिशु रोग विशेषज्ञ सहित 21 चिकित्सक मरीजों की सेवा के लिए तैनात है।
चिकित्सकों की संख्या बढ़ते ही अस्पताल की ओपीडी में उछाल आया है। सप्ताह के पहले दिन चार सौ की ओपीडी दर्ज की गई है। इनमें लगभग 80 मरीज स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास उपचार के लिए पहुंचे। हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के पास भी करीब सौ मरीज उपचार के लिए पहुंचे जबकि सामान्य ओपीडी में मरीजों की संख्या 120 के आसपास रही। इसके अलावा अस्पताल की आपात सेवाओं और शिशु विशेषज्ञ के पास भी मरीजों की खूब भीड़ उमड़ी रही।
वर्ष 1940 में अस्पताल में 38 मरीजों के दाखिले की व्यवस्था थी। 1980 और 90 के दशक में 50 बेड का दर्जा मिलने के बाद वर्ष 2000 में सौ बिस्तरों का दर्जा मिला था। उस दौरान 19 चिकित्सकों के पदों की स्वीकृति होने के बाद भी चिकित्सकों की संख्या 15-16 के आसपास रही। अब अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या 21 तक पहुंच गई है। हर बीमारी का उपचार मिलना शुरू हो गया है।
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उपमंडलीय अस्पताल जोगिंद्रनगर में चिकित्सकों की संख्या 21 पहुंची है। इसका लाभ उपमंडल के हर वर्ग के मरीज को मिलना शुरू हो चुका है। चिकित्सकों की बढ़ोतरी के साथ अस्पताल की ओपीडी में भी इजाफा हुआ है।
-रोशन लाल कौंडल, एसएमओ, जोगिंद्रनगर