रोहांडा से कमरूनाग मंदिर और झील तक नहीं मिल पाई सड़क सुविधा
ग्राउंड रिपोर्ट
तीन किलोमीटर सड़क का हिस्सा एफसीए के फेर में उलझा
देवेंद्र गुप्ता
सुंदरनगर(मंडी)। रोहांडा से देव कमरूनाग का मंदिर और झील सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाई है। ऐतिहासिक स्थल को सुंदरनगर की तरफ से जोड़ने के लिए रोहांडा की तरफ से सड़क बनाने का प्रयास जरूर हुआ लेकिन महज एक किलोमीटर सड़क के निर्माण के बाद कार्य ठप हो गया। करीब तीन किलोमीटर सड़क एफसीए के फेर में उलझ कर रह गई है। इस सड़क के निर्माण के लिए पांच लाख रुपये लोक निर्माण विभाग के पास पड़े हैं। पिछले दिनों निहरी में हुए सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में भी इस सड़क के निर्माण की मांग लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के समक्ष भी उठाई गई लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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इस तीन किलोमीटर सड़क के निर्माण से रोहांडा और बड़ा देव कमरूनाग की झील सीधे तौर पर जुड़ जाएगी। जिससे कमरूनाग के दर्शन सुगम हो जाएंगे। इस सड़क का निर्माण इलाके में पर्यटन की गतिविधियां बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।-बोध राज, स्थानीय निवासी
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इस सड़क के निर्माण के लिए जो प्रयास किया था। उससे एक किलोमीटर सड़क तो बन गई लेकिन उससे आगे सड़क सात साल में नहीं बन पाई। सरकार अगर इस क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन से जोड़ना चाहती है तो इस सड़क का निर्माण करना जरूरी है।-प्रकाश चंद, पूर्व प्रधान पंचायत रोहांडा
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सड़क की एफसीए फाइल की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। इससे संबंधित अधिनस्थों से रिपोर्ट तलब करने के बाद ही कुछ कह सकता हूं। -राकेश कटोच, वन मंडल अधिकारी सुकेत
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सड़क को एफसीए के तहत अनुमति नहीं मिली है। इस सड़क की एफसीए फाइल लटकी हुई है। जो पांच लाख इस सड़क निर्माण के तहत मिला था । वह लैप्स हो चुका है। एफसीए की फाइल पर कार्य चला है।- साहिल वर्मा, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग निहरी
बोध राज स्थानीय निवासी। संवाद