मंडी। पधर क्षेत्र के एक सेवानिवृत अधिकारी के साथ हुई एक करोड़ रुपये की ठगी मामले में साइबर पुलिस थाना मध्य जोन की ओर से जांच जारी है। इस मामले में अदालत से 9.62 लाख रुपये रिलीज करने के आदेश जारी हुए हैं। रिलीज ऑर्डर मिलने के बाद पीड़ित के खाते में कुछ धनराशि आ गई हैए जबकि अन्य की प्रक्रिया जारी है। साइबर पुलिस इस मामले में आरोपी ठगों का सुराग लगाने में जुटी हुई है।
साइबर पुलिस की मेहनत से पहले लेयर के खातों में पड़ी करीब 12 लाख रुपये की राशि फ्रीज की गई थी। इसमें से करीब 9.62 लाख रुपये को रिलीज करने के आदेश अदालत से मिले हैं। अब साइबर पुलिस अगली पंक्ति के खातों में पड़ी धनराशि का ब्यौरा जुटा रही है। नियमानुसार प्रक्रिया अपनाकर इस राशि को भी रिफंड करवाया जाएगा।
इस मामले में साइबर पुलिस ने विभिन्न राज्यों से संबंधित 100 से अधिक खाते फ्रीज किए जा चुके हैं। फ्रीज किए गए अधिकतर खाते दिल्ली और उत्तराखंड राज्य से संबंधित हैं। कुछ खातों से दिल्ली में निकासी हुई है। जबकि कुछ खाते मुंबई से ऑपरेट हो रहे थे। 100 से अधिक ट्रांजेक्शन से शातिरों के तीन दर्जन खातों में एक करोड़ रुपये की धनराशि ट्रांसफर हुई थी। शातिरों ने चेन बनाते हुए यह धनराशि दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी थी।
बता दें कि सेवानिवृत्त अधिकारी फेसबुक के माध्यम से एक विदेशी महिला के संपर्क में आया था। जिसने उसे एक उपहार भेजा। उपहार में उसे ब्रिटिश पौंड होना बताया गया। उपहार को कस्टम से प्राप्त के लिए विभिन्न करों के नाम पर शातिरों ने उससे लगभग 20 लाख रुपये ठग लिए। बाद में शातिर दूतावास का कर्मचारी बताकर सक्रिय हुए। पहले दी गई गई रकम को वापस पाने के लिए पीड़ित सेवानिवृत अधिकारी ने ठगों को करीब 80 लाख रुपये ठग दिए। इस तरह कुल एक करोड़ रुपये उससे शातिरों ने ठग लिए।