उपायुक्त ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
मंडी में जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने जनता के लिए सुरक्षित भोज्य पदार्थ और स्वस्थ आहार सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिनियम का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। वह सोमवार को उपायुक्त कार्यालय में सुरक्षित भोजन एवं सुरक्षित आहार पर गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की 8वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को बाजार में बेचे जाने वाले खाद्य पदार्थों विशेषकर सिंथेटिक पनीर की बिक्री पर कड़ी नजर बनाए रखते हुए औचक निरीक्षण करने एवं इस बारे में लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
कहा कि दूध से तैयार पनीर के अलावा बाजार में सिंथेटिक पनीर भी बिक्री के लिए उपलब्ध रहता है। सिंथेटिक पनीर को आम तौर पर दूध के बजाय वनस्पति तेल और स्टार्च जैसी चीजों से बनाया जाता है। सिंथेटिक पनीर का सेवन करने से पहले यह महत्वपूर्ण है कि इसके पोषक तत्वों और सामग्री की समुचित जानकारी हो। कुछ सिंथेटिक पनीर उत्पादों में अतिरिक्त रसायन, संरक्षक और कृत्रिम तत्व हो सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
उपायुक्त ने दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने ग्राहकों का आह्वान किया कि उन्हें भी जागरूक होने की जरूरत है तथा पैकेट बंद खाद्य पदार्थों के बारे में इस पर अंकित सामग्री की भी जांच अवश्य करें। उन्होंने सहायक आयुक्त फूड सेफ्टी को निर्देश दिए कि वह पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर खाद्य पदार्थों के अधिक से अधिक नमूने लेने तथा उस पर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाएं। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, पुलिस उपअधीक्षक दिनेश कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपाली शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस अजय बदरेल, फूड सेफ्टी ऑफिसर वर्षा आदि मौजूद रहे।
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50 उल्लंघनकर्ताओं पर मुकदमा चलाया
बैठक में सहायक आयुक्त फूड सेफ्टी एलडी ठाकुर ने बताया कि सितंबर 2024 से जून 2025 तक मंडी जिले में खाद्य सुरक्षा विंग में बिक्री के लिए आए खाद्य पदार्थों के 100 नमूने लिए गए। इसके अलावा 338 निरीक्षण किए गए। इस दौरान 50 उल्लंघनकर्ताओं पर मुकदमा चलाया गया। 13.20 लाख राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गई।