बल्ह घाटी के दरबाथू गांव में खड्ड पर कम चौडाई वाला पुल बनाने का विरोध करते ग्रामीण। संवाद
मंडी। ग्राम पंचायत नलसर के दरबाथू गांव के किसानों को बरसात में खड्ड पार कर खेतों में जाना पड़ेगा। लोहारड़ी खड्ड पर बनने वाले पुल का नए सिरे से डिजाइन तैयार किया जाएगा।
फिर इसे मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने में ब्यास सतलुज लिंक परियोजना प्रबंधन को डेढ़ से दो माह का समय लग जाएगा। दो साल पहले दरबाथू गांव में पुल बह गया। इससे लोगों को खड्ड के आर पार जाना मुश्किल हो गया है। दरबाथू और लोहारा पंचायत के किसानों के खेत खलिहान खड्ड के पार हैं।
टमाटर समेत मक्की, धान की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। पुल न होने से किसानों को जान जोखिम में डाल कर खड्ड को पार करना पड़ेगा। बीएसएल परियोजना प्रबंधन ने टूटे हुए पुल के स्थान पर नए लोहे का पुल बनाने का कार्य शुरू किया था, लेकिन कम चौड़ाई वाले इस पुल का ग्रामीणों ने विरोध कर कार्य को बंद करवा दिया था।
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दरबाथू में लोहे के पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण कार्य रोकना पड़ा है। पंचायत से प्रस्ताव मांगा गया है। नए सिरे से पुल का डिजाइन तैयार किया जाएगा। बजट समेत अन्य औपचारिकता को पूरा करने में डेढ़ से दो माह का समय लग जाएगा।
-अजय कुमार, सहायक अभियंता, बीएसएल परियोजना
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