गोहर (मंडी)। उपमंडलीय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य संस्थान चैलचौक के अधीन आने वाले 33 आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों में से 17 में आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर की कमी है। इससे स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, इस स्थिति से सरकार के घरद्वार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने का दावे भी हवा हो रहे हैं।
नाचन और सराजघाटी के दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए खोले गए इन केंद्रों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति से मरीजों को मीलों दूर मंडी, नेरचौक और सुंदरनगर तक यात्रा करनी पड़ रही है। सराज घाटी में बागाचनोगी, बस्सी, बेलिधार, चियूनी, ड्डडोह, धनगयारा, गतू, घनियार, जेन्शला, काढ़ा, कांड्डी, खंनी, कुटाहची, लाम्बशफड़, रांगचा, सोमनाचनी और थाना कुठेहड्ड में कोई भी आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर तैनात नहीं है।
स्थानीय निवासी हेमराज ठाकुर, विजय कुमार, चमन लाल, राजीव ठाकुर, जयवंती, रीना ठाकुर, लीलाधर, अरुण राज और मनोज ने बताया कि डॉक्टरों की कमी के कारण उन्हें दूर-दराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। उधर, उपमंडलीय आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी चैलचौक डॉ. सुखदेव ने पुष्टि की है कि एएमओ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद खाली हैं। उन्होंने कहा कि पदों को भरने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। कुछ स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों को प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा रहा है।