जोगिंद्रनगर अस्पताल में मंगलवार को उपचार के लिए पहुंचे मरीज । संवाद
हृदय, लीवर सहित कई जरूरी टेस्ट के लिए मरीजों को निजी लैब में चुकाने पड़े दाम
संवाद न्यूज एजेंली
जोगिंद्रनगर(मंडी)। अस्पताल में पीलिया संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच मंगलवार को सरकारी लैब में भी टेस्ट नहीं हो पाए। मरीजाें को मायूस ही लौटना पड़ा। यहां पर सरकारी प्रयोगशाला की बायो केमिस्ट्री मशीन में डिस्टल वाटर की आपूर्ति न होने से मंगलवार को टेस्ट नहीं हुए। इसके चलते मंगलवार को ब्लड शुगर, एलएफटी, आरएफटी, लिपिड प्रोफाइल, एचसीवी, विडोल के टेस्ट बायो केमिस्ट्री लैब में नहीं हो पाए। प्रयोगशाला के प्रभारी वीरेंद्र ने बताया कि जलशक्ति विभाग की ओर से पानी की आपूर्ति न होने से प्रयोगशाला में डिस्टल वाटर की किल्लत पेश आई है। बताया कि रोजाना सौ से अधिक मरीजों के सैंपल प्रयोगशाला में लिए जा रहे हैं। इस दौरान वर्षों पुरानी मशीनरी के चलते भी टेस्ट के परीक्षण की समस्या बनी हुई है। वहीं अस्पताल के एसएमओ डॉ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि समस्या का जल्द समाधान होगा।
अस्पताल में अभी भी पीलिया के 38 मरीज दाखिल
नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में पीलिया के संक्रमण से ग्रस्त करीब 38 मरीज अभी भी उपचार के लिए दाखिल हैं। कुछ नए मरीज भी मंगलवार को अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे, जिन्हें अस्पताल की ओपीडी में स्वास्थ्य जांच के बाद रोगी वार्डों में भी दाखिल किया। वहीं मरीजों और साथ आए तीमारदारों को आवश्यक ऐहतियात बरतने की हिदायत भी अस्पताल के चिकित्सकों ने दी। मंगलवार को जोगिंद्रनगर अस्पताल की प्रमुख ओपीडी में मरीजों की भीड़ दोपहर तक लगी रही। 280 मरीजों का पंजीकरण दोपहर चार बजे तक दर्ज किया गया था।