डैहर उपतहसील के तहत बरोटी पंचायत में भारी बारिश से हुए भूस्खलन से क्षतिग्रस्त मकान । स्रोत जागर
थुनाग (मंडी)। सराज क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा को 22 दिन बीत चुके हैं, लेकिन लापता 21 लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। खोज अभियान अब पूरी तरह से एसडीआरएफ के जिम्मे है। एनडीआरएफ पहले ही क्षेत्र से वापस जा चुकी है। एसडीआरएफ की टीमें हर मलबे से लेकर नदी किनारे तक लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं, लेकिन बारिश और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों ने इस अभियान को और जटिल बना दिया है।
मंगलवार को एसडीआरएफ की थुनाग टीम ने देजी गांव में खोज अभियान चलाया। झुंडी गांव के आगे कुछ ग्रामीण खड्ड पर अस्थायी पुल बना रहे थे ताकि आवागमन आसान हो सके। ग्रामीणों के अनुरोध पर एसडीआरएफ टीम ने उनकी मदद की। हालांकि दोपहर 12 बजे भारी बारिश के कारण अभियान को रोकना पड़ा। थुनाग और पंडोह खोज टीमों के प्रभारी ने बताया कि बारिश रुकते ही अभियान फिर से शुरू किया जाएगा।
इसके अलावा पंडोह खोज टीम बाखली नेचर पार्क क्षेत्र से ऊपर की ओर खोज कर रही है, लेकिन अभी तक कोई लापता व्यक्ति नहीं मिला है। नदियों, खड्डों और जंगलों में खोजबीन की जा रही है। बार-बार हो रही बारिश और भूस्खलन ने चुनौतियां बढ़ा दी हैं। स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण भी इस अभियान में सहयोग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली। लापता लोगों के परिजनों की उम्मीदें धूमिल होती जा रही हैं। एसडीआरएफ का कहना है कि हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। उधर, एसडीएम थुनाग रमेश कुमार ने भरोसा दिलाया है कि वह तब तक खोज जारी रखेंगे, जब तक कोई नतीजा नहीं निकलता। संवाद