मंडी। जिला मंडी में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से किए गए अधूरे कार्य के चलते हो रहे नुकसान पर जिला परिषद सदस्य मुखर हो गए हैं। मंगलवार को जिला परिषद की बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों के नदारद रहने पर सदस्यों ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को सदन के माध्यम से प्रस्ताव भेजकर शिकायत की है।
प्रस्ताव के माध्यम से केंद्रीय मंत्री के ध्यान में लाया कि जिले में एनएचएआई की ओर से हाईवे निकालने के बाद डंगे आदि न लगाने से भारी नुकसान पहुंचा है। नालियों की व्यवस्था भी सही नहीं है। हाईवे पर फुटब्रिज को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अधिकारी जवाबदेही से पीछे हट रहे हैं। उन्होंने मांग रखी कि एनएचएआई की वजह से जितना भी नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई करवाई जाए। फोरलेन पर पहले से प्रस्तावित तीन फुटब्रिज के अलावा दो अन्य फुटब्रिज धनोटू और कनैड में बनाने की मांग की। पहले मंडी-सुंदरनगर फोरलेन पर नौलखा, भौर और तरोट में फुटब्रिज बनाने प्रस्तावित हैं।
मंगलवार को जिला परिषद सभागार भ्यूली में पार्षदों की त्रैमासिक बैठक हुई। जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न विकास कार्यों पर मंथन किया गया। बैठक में जिला परिषद मंडी के माध्यम से चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के लिए 33.74 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है। बैठक में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, परिवहन जैसे विविध नए और पुराने मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने लंबित मुद्दों पर संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई एवं समाधान करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला परिषद सचिव एवं जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा ने विभिन्न मुद्दों का विस्तृत ब्योरा दिया।
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विभागीय अधिकारी भी रहे नदारद
बैठक में अधिशासी अभियंता वर्ग श्रेणी के अधिकारियों की ओर से सहायक और कनिष्ठ अभियंता भेजने पर नाराजगी जताई गई। जिप सदस्यों ने बड़े अधिकारियों के न आने पर गुस्सा जाहिर कर प्रदेश सरकार को सदन के माध्यम से प्रस्ताव भेजा। प्रस्ताव में अधिकारियों के न आने का कारण और उन पर कार्रवाई की मांग की गई।
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बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों के न आने पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को प्रस्ताव भेजा गया। अधिकारियों के बैठक में न पहुंचने से सड़क एवं परिवहन से संबंधित मामलों का निपटारा नहीं हो पाया है।
-पाल वर्मा, जिला परिषद अध्यक्ष मंडी