मानसून सीजन से पहले घट्टा से मंडी तक बंद पड़ी नालियों से फिर जलमग्न होने लगीं सड़कें
क्षेत्र के लोगों में फिर सताने लगा त्रासदी का खौफ
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मई माह में हुई तेज बारिश से मंडी-पठानकोट हाईवे सड़क पर गुम्मा के समीप फिर सड़क नाले में तबदील हो गई है। यहां कीचड़ और दलदल की स्थिति पेश आने से चालकों समेत यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं, कोटरोपी में पहले हुई बारिश में बहे कलवर्ट बहाल न करने से आसपास के लोगों में फिर त्रासदी का डर है। इधर उरला के समीप अभी भी तीखे मोड़ पर भी सड़क की बदहाली हादसे का कारण बन रही है।
हैरत की बात है कि करोड़ों रुपये मंडी-पठानकोट हाईवे को चकाचक करने के लिए खर्च किए जा रहे हैं। बावजूद इसके यहां सफर सुरक्षित और सुगम नहीं हो पा रहा है। शनिवार को समारिक दृष्टि से अहम हाईवे पर फिर गुम्मा के समीप एक वाहन नाले जैसी सड़क में धंस गया। वाहन चालक अजय कुमार, सुनील कुमार, मोहित, हरीश ने बताया कि गुम्मा के खानी नाले के नजदीक बीते कई दिनों से नाला बन चुकी सड़क पर वाहन दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच रहे हैं, लेकिन एनएचएआई इसके सुधार को लेकर कोई भी गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
कोटरोपी में हुए भूस्खलन से सहमे आसपास के लोगों ने बताया कि मई माह में भी बारिश के दौरान पानी सड़क पर बहता हुआ नजर आ रहा है। इसका कारण यहां पर बंद पड़े कलवर्ट हैं। लोगों के मुताबिक पानी की निकासी मंडी-पठानकोट हाईवे पर सही न होने से हाईवे की टारिंग को भी लगातार नुकसान पहुंच रहा है।
-मंडी-पठानकोट हाईवे को घट्टा से मंडी तक चकाचक करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसका अधिकांश कार्य पूरा भी कर लिया गया है। गुम्मा में जहां सड़क धंसी है, उसे भी दुरुस्त कर दिया जाएगा। कोटरोपी के समीप बहे कलवर्टों को भी ठीक करने का कार्य प्रगति पर चल रहा है।
-साहिल जोशी, साइट इंजीनियर, एनएचएआई